61 अंत के दिनों में परमेश्वर के न्याय के कार्य के मायने

जान लो अंत के दिनों में

मसीह अनेक सत्यों से इंसान को है सिखाता,

सत्यों से वो इंसान के सार को उजागर करता है,

विश्लेषण उसकी बातों, कर्मों का है करता।


मसीह के वचनों में अनेक सत्य होते हैं,

इंसानी फ़र्ज़ के, ईश्वर के प्रति निष्ठा के,

आज्ञापालन के, सामान्य मानवता में जीने के,

परमेश्वर की बुद्धि के, स्वभाव आदि के।


इन सारे वचनों का निशाना है

इंसान का सार और भ्रष्टता।

जो वचन दिखाते हैं कि कैसे ईश्वर को नकारता है इंसान,

वे बताते हैं शैतान का मूर्त रूप और ईश्वर का वैरी है इंसान।

न्याय का कार्य इंसान में

ईश्वर के असली चेहरे की समझ पैदा करता है,

और इंसान के बागीपन के सच को उजागर करता है।

ये ईश्वर की इच्छा का,

उसके कार्य के मकसद का ज्ञान कराता है,

कराता रहस्यों का ज्ञान जो समझे न इंसान,

उसे उसकी भ्रष्टता और इसके मूल का,

इंसान की बदसूरती का ज्ञान कराता है।


अपने न्याय के कार्य में ईश्वर,

इंसान की प्रकृति को कुछ वचनों से नहीं,

लम्बे वक्त में उसे उजागर करके,

व्यवहार और काट-छाँट से स्पष्ट करता है।

सामान्य वचन न ले सकें इन रीतियों की जगह,

सत्य ही कर सके ये काम जिससे वंचित है इंसान।

यही तरीके न्याय हैं,

इनकी मदद से सच्चा ज्ञान पाए इंसान,

इनके अधीन हो, ईश्वर की आज्ञा सुने इंसान।

न्याय का कार्य इंसान में

ईश्वर के असली चेहरे की समझ पैदा करता है,

और इंसान के बागीपन के सच को उजागर करता है।

ये ईश्वर की इच्छा का,

उसके कार्य के मकसद का ज्ञान कराता है,

कराता रहस्यों का ज्ञान जो समझे न इंसान,

उसे उसकी भ्रष्टता और इसके मूल का,

इंसान की बदसूरती का ज्ञान कराता है।

न्याय के काम के ये परिणाम होते हैं,

क्योंकि जो आस्था रखते ईश्वर में, ये उनके लिये

सत्य, मार्ग और जीवन खोलता है।

यही न्याय का कार्य है जो ईश्वर करता है।


"वचन देह में प्रकट होता है" से रूपांतरित

पिछला: 95 “वचन देह में प्रकट होता है” के असल मायने

अगला: 146 अन्यजाति के देशों में परमेश्वर का नाम फैलेगा

दुनिया आपदा से घिर गई है। यह हमें क्या चेतावनी देती है? आपदाओं के बीच हम परमेश्वर द्वारा कैसे सुरक्षित किये जा सकते हैं? इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारे साथ हमारी ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ें।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-सूची

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें