235 मनुष्य की सोच बहुत रूढ़िवादी है

ईश्वर का कार्य हमेशा आगे बढ़ता है।

उसका उद्देश्य कभी नहीं बदलता,

कार्य करने के तरीके बदलते रहते,

इसलिए उसके अनुयायी भी बदलते रहते।

ईश्वर जितना ज्यादा कार्य करे,

इंसान उतना ज्यादा उसे जान पाए।

ईश-कार्य के जरिये मनुष्य का स्वभाव भी बदले।


चूँकि ईश्वर का कार्य बदलता रहे,

इसलिए पवित्रात्मा के कार्य से अनजान लोग

और वे बेतुके लोग भी,

जो सत्य को नहीं जानते,

ईश-विरोध शुरू कर देते।

उसका कार्य इंसान की धारणा का विरोध करे,

उसका कार्य हमेशा नया रहे, कभी पुराना न पड़े।

ईश्वर अपना पुराना कार्य न दोहराए,

बल्कि हमेशा आगे बढ़ता जाए।

इंसान उसके मौजूदा कार्य को

उसके पिछले कार्य से आँके।

ईश्वर के लिए मुश्किल हो गया है

कार्य का हर चरण नए युग में करना।

इंसान की बहुत समस्याएँ हैं।

उसकी सोच बहुत रूढ़िवादी है!

ईश-कार्य को सच में कोई ना जाने,

फिर भी सब उसे सीमा में बांधे l


इंसान जब ईश्वर को पीछे छोड़े,

वो जीवन और सत्य खो देता;

उससे ईश्वर के आशीष ले लिए जाते।

इंसान ईश्वर की दी इन सब चीजों को नकारे।

इंसान समझे, ईश्वर केवल

व्यवस्था के अधीन ईश्वर हो सके

और इंसान के लिए सूली पर चढ़ा ईश्वर हो सके।


उन्हें लगे, ईश्वर नहीं जा सकता

और न उसे जाना चाहिए

बाइबल के परे,

इसलिए वे रहते पुरानी व्यवस्थाओं से बँधे,

पुराने, मृत नियमों की बेड़ियों से जकड़े।

कुछ ऐसे भी हैं जो मानते

ईश्वर का जो भी नया कार्य हो,

वो पुष्ट किया जाए भविष्यवाणियों से।

उन्हे लगता, नए कार्य के हर चरण में,

उन सभी को जो “सच्चे” मन से अनुसरण करें

प्रकाशन जरूर दिखाए जाएँ,

वर्ना वो कार्य ईश-कार्य न हो सके।


ईश्वर को जानना मुश्किल है इंसान के लिए ।

ये और इंसान का बेतुका दिल

और उसका आत्म-गौरव

नए ईश-कार्य को स्वीकारना मुश्किल बनाएँ।

इंसान उस पर गहराई से न सोचे,

न उसे विनम्रता से स्वीकारे;

बल्कि उसे सिर्फ अवमानना से देखे।

वो ईश्वर से प्रकाशन

और मार्गदर्शन का इंतज़ार करे।

क्या ये विद्रोहियों का आचरण नहीं?

ऐसे लोग ईश्वर का अनुमोदन कैसे पा सकें?

ईश्वर अपना पुराना कार्य न दोहराए,

बल्कि हमेशा आगे बढ़ता जाए।

इंसान उसके मौजूदा कार्य को

उसके पिछले कार्य से आँके।

ईश्वर के लिए मुश्किल हो गया है

कार्य का हर चरण नए युग में करना।

इंसान की बहुत समस्याएँ हैं।

उसकी सोच बहुत रूढ़िवादी है!

ईश-कार्य को सच में कोई ना जाने,

फिर भी सब उसे सीमा में बांधे l


— 'वचन देह में प्रकट होता है' से रूपांतरित

पिछला: 232 परमेश्वर ने अंत के दिनों में अन्य राष्ट्रों में ज़्यादा बड़ा और ज़्यादा नया काम किया है

अगला: 236 क्या पवित्रात्मा के नए कार्य को स्वीकार न करने वाले परमेश्वर के प्रकटन को देख सकते हैं?

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर धर्मोपदेश और संगति अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें