144 परमेश्वर को प्यार करना है मेरे दिल की तमन्ना

1 इस बेरंग दुनिया में जीकर, कभी जाना नहीं सत्य मैंने। बस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों को पढ़कर पाया मैंने जीवन का मतलब। सच्ची रोशनी आ चुकी है दुनिया में, और मसीह है सत्य, मार्ग, और जीवन। परमेश्वर के वचनों द्वारा सिंचन और पोषण पाकर, पाया है मैंने अनंत जीवन का रास्ता। उनका अभ्यास करते और अनुभव करते हुए, मेरा जीवन धीरे-धीरे बढ़ता है और मेरा हृदय सदा सत्य सँजोता है; मैं उसके कथनों के अनुसार जीवन जीता हूँ। मसीह है व्यावहारिक परमेश्वर, मैं अर्पित करता हूँ उसे स्तुति और धन्यवाद। परमेश्वर से प्यार करना है मेरी तमन्ना, मेरे दिल की तमन्ना। हालेलुय्या!

2 परमेश्वर के वचनों ने मनुष्य के गहन भ्रष्टाचार के असली चेहरे और स्रोत को उजागर कर दिया है : मनुष्य अहंकारी, दंभी, स्वार्थी, धोखेबाज़ और विवेकहीन है और समझ से रहित है। मैं परमेश्वर के प्रति प्रेम और आज्ञाकारिता का अनुसरण करना चाहता हूँ, लेकिन मैं हमेशा उसके प्रति विद्रोही और विरोधी रहता हूँ; मैं उसके लिए जितना भी खपाता हूँ, उसका अधिकांश कलंकित है, और वह सब मैं स्वर्ग के आशीष पाने के लिए करता हूँ। मेरे भ्रष्ट, बदसूरत चेहरा देखकर, मैं खुद से घृणा करता हूँ और गहराई से पछतावा महसूस करता हूँ। मैं परमेश्वर के न्याय और शुद्धि को स्वीकार करना, अपना भ्रष्टाचार त्यागना, और उसके प्रति अपने प्रेम में विशुद्ध होना चाहता हूँ। मसीह मेरा प्रिय है; वह इंसान के अनंत प्रेम के योग्य है। मेरी हार्दिक इच्छा है कि मैं परमेश्वर से प्रेम करूँ; मैं उसे प्यार करना चाहता हूँ! हालेलुय्या!

3 परमेश्वर द्वारा व्यक्त किए गए सभी सत्य मुझे मानव जीवन का प्रकाश दिखाते हैं। परीक्षण, पीड़ा, और परिशोधन के द्वारा, मैं परमेश्वर के प्रति श्रद्धा और समर्पण करने आया हूँ। उनके वचनों ने मुझे शुद्ध किया और बचाया है, मुझे शैतान की अंधेरी ताकतों से निकाला है, और मेरे जीवन स्वभाव में बदलाव गढ़ा है, और आखिरकार मैं परमेश्वर के साथ संगत होने में सक्षम हो गया हूँ। परमेश्वर के वचनों का अनुभव और अभ्यास करके ही मुझे समझ आया है कि सत्य ही जीवन है, बहुत कीमती है; केवल अपने भ्रष्टाचार को त्यागकर और सत्य का अभ्यास करके मैंने एक सच्चे इंसान की तरह जी पाया हूँ। मसीह व्यावहारिक परमेश्वर है, और मैं हमेशा के लिए उससे प्यार करूँगा। मेरी हार्दिक इच्छा है कि मैं परमेश्वर से प्रेम करूँ; मैं उसे प्यार करना चाहता हूँ! हालेलुय्या!

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अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

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