789 तुम्हें जानना चाहिए परमेश्वर को उसके कार्य द्वारा

1

परमेश्वर देहधारी हुआ, आम इन्सान बना।

इस इंसां ने परमेश्वर के कार्य, आदेश को स्वयं पर लिया।

उसे ऐसा काम करना था, ऐसी पीड़ा सहनी थी

जो सह नहीं सकता आम इन्सा कोई।

उसकी पीड़ा दिखाती है इन्सा के लिए परमेश्वर की निष्ठा।

इन्सान को बचाने, उसे पाप से छुड़ाने,

इस चरण को पूरा करने की कीमत का,

उसने जो सहा अपमान उसका यह प्रतीक है।

इसके मायने हैं कि परमेश्वर क्रूस पर से इन्सान को छुड़ाएगा।

यह है एक कीमत जो लहू और जान से चुकाई गयी,

इसे देना सृजे गये जीव के बस में नहीं।

चूँकि उसके पास है परमेश्वर का स्वरूप और सार,

वो वहन कर सकता ऐसी पीड़ा, ऐसा कार्य।

जो करता है वो, कोई सृजित जीव कर सकता नहीं।

अनुग्रह के युग में, परमेश्वर का कार्य है ये, उसके स्वभाव का प्रकाशन है ये।

2

राज्य के युग में परमेश्वर देहधारी हुआ है फिर से,

वैसे ही जैसे हुआ था पहली बार।

अभी भी व्यक्त करता है अपना स्वरूप और वचन,

सारे काम करता है वो जो उसे करने चाहिए।

इन्सान की नाफ़रमानी और अज्ञानता को, वो सहता, बर्दाश्त भी करता है।

वो सदा अपना स्वभाव उजागर करता है, साथ ही अपनी इच्छा भी दर्शाता है।

इन्सान के सृजन से अब तक, परमेश्वर का स्वभाव और स्वरूप

रहा है खुला सभी के लिए, नहीं छुपाया गया कभी जान कर इसे।

सच तो ये है, इन्सान को परवाह नहीं, परमेश्वर के काम और इच्छा की।

और इसीलिए, जानता नहीं इन्सान परमेश्वर के बारे में ज़्यादा कुछ भी।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर I' से रूपांतरित

पिछला: 788 इंसान को परमेश्वर की इच्छा की कोई समझ नहीं है

अगला: 790 परमेश्वर की इच्छा खुली रही है सबके लिए

परमेश्वर का आशीष आपके पास आएगा! हमसे संपर्क करने के लिए बटन पर क्लिक करके, आपको प्रभु की वापसी का शुभ समाचार मिलेगा, और 2023 में उनका स्वागत करने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें