75 परमेश्वर के वचन का न्याय इंसान को बचाने के लिये है

I

हालाँकि ताड़ना और न्याय के बहुत से वचन

कहे हैं तुम लोगों से परमेश्वर ने,

लागू नहीं किये गए हैं वे तुम लोगों पर,

हाँ, काम के तौर पर लागू नहीं किये गए हैं तुम लोगों पर।

परमेश्वर आया है अपना काम करने और वचन बोलने।

हालाँकि कठोर हो सकते हैं उसके वचन,

तुम्हारी भ्रष्टता के, विद्रोह के न्याय की ख़ातिर

बोले जाते हैं ये वचन।

ऐसा करके इंसान को नुकसान पहुँचाना

नहीं है परमेश्वर का मकसद,

बल्कि शैतान के प्रभुत्व से इंसान को बचाना है उसका मकसद।

परिणाम हासिल करना है परमेश्वर के कठोर वचनों का मकसद।

इसी कार्य-शैली से

खुद को जान सकता है इंसान,

अपने विद्रोही स्वभाव से पीछा छुड़ा सकता है इंसान।

हालाँकि कठोर हो सकते हैं परमेश्वर के वचन,

इंसान के उद्धार के लिये बोले जाते हैं ये वचन,

क्योंकि वो केवल वचन बोल रहा है,

इंसान की देह को सज़ा नहीं दे रहा है।

इंसान को रोशनी में जीने में मदद करते हैं ये वचन,

रोशनी का अस्तित्व है, ये बेशकीमती है बताते हैं ये वचन,

इंसान के लिये ये फ़ायदेमंद हैं, समझाते हैं ये वचन।

परमेश्वर उद्धार है, ज्ञान कराते हैं ये वचन।


II

वचनों के काम के बड़े मायने हैं:

सत्य को जानकर अमल में ला सकता है इंसान,

अपने स्वभाव में बदलाव ला सकता है इंसान,

ख़ुद को और परमेश्वर के काम को जान सकता है इंसान।

इस तरह बोलकर काम करने के ज़रिये ही

परमेश्वर और इंसान के बीच

बढ़ाया जा सकता है रिश्तों को।

और केवल वचन ही समझा सकते हैं सत्य को।

यह बेहतरीन तरीका है जीतने का इंसान को।

वचन बोलने के अलावा कोई तरीका,

नहीं है जिसके ज़रिये इंसान जान सके

सारे सत्य और परमेश्वर के सारे काम को।

अनजाने सत्य और राज़ उजागर करने,

इंसान को सत्य मार्ग और जीवन हासिल कराने,

अपने काम के अंतिम चरण में बोलता है परमेश्वर,

और इस तरह पूरी होती है इच्छा परमेश्वर की।

हालाँकि कठोर हो सकते हैं परमेश्वर के वचन,

इंसान के उद्धार के लिये बोले जाते हैं ये वचन,

क्योंकि वो केवल वचन बोल रहा है,

इंसान की देह को सज़ा नहीं दे रहा है।

इंसान को रोशनी में जीने में मदद करते हैं ये वचन,

रोशनी का अस्तित्व है, ये बेशकीमती है बताते हैं ये वचन,

इंसान के लिये ये फ़ायदेमंद हैं, समझाते हैं ये वचन।

परमेश्वर उद्धार है, ज्ञान कराते हैं ये वचन।


"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 630 परमेश्वर के लोगों के प्रबंधन के कार्य के बारे में सच्चाई

अगला: 78 मनुष्य के पुत्र की छवि को उसके न्याय और उसकी ताड़ना में देखना

दुनिया आपदा से घिर गई है। यह हमें क्या चेतावनी देती है? आपदाओं के बीच हम परमेश्वर द्वारा कैसे सुरक्षित किये जा सकते हैं? इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारे साथ हमारी ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ें।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें