63 इंसान को पूर्ण बनाने के लिए न्याय परमेश्वर का मुख्य तरीका है

ईश्वर इंसान को पूर्ण कैसे बनाता?

वो अपने धार्मिक स्वभाव से पूर्ण बनाता!

धार्मिकता और प्रताप,

रोष, न्याय और शाप,

ये शामिल हैं ईश्वर के स्वभाव में।

वो न्याय से इंसान को पूर्ण बनाता।

समझते नहीं कुछ लोग,

फिर पूछते हैं क्यों,

क्यों ईश्वर न्याय और शाप से ही,

न्याय और शाप से ही इंसान को पूर्ण बना सकता?

अगर शाप दे ईश्वर,

तो क्या मर न जाएगा इंसान?

वे पूछें, "अगर न्याय करे ईश्वर,

क्या दोषी सिद्ध न होगा इंसान?"

फिर कैसे पूर्ण बनाया जा सके इंसान?

जाने न जो ईश्वर-कार्य,

ऐसे सवाल करते वो इंसान।

ईश्वर इंसान को पूर्ण कैसे बनाता?

वो अपने धार्मिक स्वभाव से पूर्ण बनाता!

धार्मिकता और प्रताप,

रोष, न्याय और शाप,

ये शामिल हैं ईश्वर के स्वभाव में।

वो न्याय से इंसान को पूर्ण बनाता।

ईश्वर इंसान की अवज्ञा को शाप देता है,

वो इंसान के सारे पापों का न्याय करता है।

हालाँकि वो कठोरता, प्रचंडता से बोलता है,

इन वचनों से मगर,

वो इंसान के सार को खोलता है।

ऐसा न्याय इंसान को

उसकी देह का सार दिखाता है,

वो आज्ञाकारी बन ईश्वर के आगे झुकता।

ईश्वर इंसान को पूर्ण कैसे बनाता?

वो अपने धार्मिक स्वभाव से पूर्ण बनाता!

धार्मिकता और प्रताप,

रोष, न्याय और शाप,

ये शामिल हैं ईश्वर के स्वभाव में।

वो न्याय से इंसान को पूर्ण बनाता।

इंसान की देह पापी है, शैतान की है,

हठी है, ईश्वर-ताड़ना लायक है।

इंसान जाने खुद को इसलिए ज़रूरी है,

ईश्वर के न्याय के वचन से गुज़रे इंसान।

हर तरह के शुद्धिकरण का इस्तेमाल ज़रूरी है।

तभी ईश्वर-कार्य का फल मिल सकता है।

न्याय इंसान को पूर्ण बनाने का ईश्वर का मुख्य तरीका है।

ईश्वर इंसान को पूर्ण कैसे बनाता?

वो अपने धार्मिक स्वभाव से पूर्ण बनाता!

धार्मिकता और प्रताप,

रोष, न्याय और शाप,

ये शामिल हैं ईश्वर के स्वभाव में।

वो न्याय से इंसान को पूर्ण बनाता।

"वचन देह में प्रकट होता है" से रूपांतरित

पिछला: 62 परमेश्वर उन सभी का न्याय करेगा, उन्हें शुद्ध करेगा जो उसके सिंहासन के सामने आएँगे

अगला: 64 विजय के कार्य का आतंरिक अर्थ

अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें