749 परमेश्वर के आशीषों के प्रति अय्यूब का मनोभाव

1

अय्यूब को विश्वास था दिल में, उसके पास जो भी कुछ था

वह परमेश्वर ने दिया था न कि ख़ुद की मेहनत से।

उसने आशीषें यूँ न समझीं जिससे उठाया जाए फ़ायदा,

पर उस मार्ग पर बना रहा जिसे रखना चाहिए जीवन सिद्धान्त के रूप में।

अय्यूब कभी बहुत ज़्यादा ख़ुश नहीं हुआ था परमेश्वर के आशीष के कारण,

न ईश्वर का मार्ग तुच्छ समझा, न उसके अनुग्रह को भूला

क्योंकि उसे अक्सर आशीष मिलता रहा।

2

अय्यूब ने ईश्वर का आशीष संजोया, कहा-धन्यवाद।

लेकिन वह आसक्त न हुआ, और न ही ज़्यादा ढूँढ़ा।

उसने कभी कुछ भी न किया सिर्फ़ आशीषों की ख़ातिर,

न ईश्वर के आशीष के खोने या कमी होने पर दुखी हुआ।

अय्यूब कभी बहुत ज़्यादा ख़ुश नहीं हुआ था परमेश्वर के आशीष के कारण,

न ईश्वर का मार्ग तुच्छ समझा, न उसके अनुग्रह को भूला

क्योंकि उसे अक्सर आशीष मिलता रहा, मिलता रहा।

अय्यूब कभी बहुत ज़्यादा ख़ुश नहीं हुआ था परमेश्वर के आशीष के कारण,

न ईश्वर का मार्ग तुच्छ समझा, न उसके अनुग्रह को भूला

क्योंकि उसे अक्सर आशीष मिलता रहा।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'परमेश्वर का कार्य, परमेश्वर का स्वभाव और स्वयं परमेश्वर II' से रूपांतरित

पिछला: 748 परमेश्वर के प्रति अय्यूब का सच्चा विश्वास और उसकी आज्ञाकारिता

अगला: 750 अय्यूब को परमेश्वर की प्रशंसा मिलने के कारण

परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें