837 पूर्ण कैसे किए जाएँ

1

यदि तुम ईश्वर द्वारा पूर्ण किए जाना चाहते हो,

बस सड़कों पर भटकते रहना काफ़ी नहीं है,

न ही ईश्वर के लिए ख़ुद को खपाना।

ईश्वर से पूर्ण होने के लिए तुममें बहुत कुछ होना चाहिए।

जब तुम कष्ट सहते हो, देह की नहीं सोचनी चाहिए,

न ईश्वर के ख़िलाफ़ शिकायत करनी चाहिए।

जब ईश्वर ख़ुद को छिपाता है, तुम में अनुसरण करने का यक़ीं होना चाहिए,

अपना प्यार बनाए रखना चाहिए, इसे मिटने या मरने मत दो।

गर ईश्वर द्वारा उपयोग और पूर्ण किए जाना चाहते हो,

तुम्हें हर चीज़ से सम्पन्न होना चाहिए:

कष्ट सहने की इच्छा, विश्वास और धैर्य,

आज्ञाकारिता, ईश्वर के कार्य का अनुभव,

उसकी इच्छा समझना, उसकी व्यथा को विचारना।

तुम्हारे शुद्धिकरण के अनुभव को तुम्हारे विश्वास और प्यार की ज़रूरत है।

2

फ़र्क़ नहीं पड़ता ईश्वर क्या करता, तुम्हें स्वीकारनी चाहिए योजना उसकी।

उसके ख़िलाफ़ शिकायत की अपेक्षा देह को धिक्कारो।

परीक्षणों में ईश्वर को संतुष्ट करो, भले तुम रोते या प्यारी चीज़ खोते हो।

ये सच्चा प्यार और विश्वास है।

क़द-काठी से फ़र्क़ नहीं पड़ता, तुम में कष्ट सहने की,

देह से मुँह मोड़ने की इच्छा और सच्चा विश्वास होना चाहिए।

तैयार रहना चाहिए तुम्हें दर्द और नुकसान उठाने के लिए

ईश्वर की इच्छा पूरी करने के लिए।

तुम्हारे पास पछताने को दिल होना चाहिए

कि तुम अतीत में ईश्वर को संतुष्ट नहीं कर पाए थे।

कोई कमी नहीं रह सकती, ऐसे ईश्वर तुम्हें पूर्ण कर सकता है।

गर तुम्हारे पास ये सब नहीं है, तुम पूर्ण नहीं किए जा सकते।

गर ईश्वर द्वारा उपयोग और पूर्ण किए जाना चाहते हो,

तुम्हें हर चीज़ से सम्पन्न होना चाहिए:

कष्ट सहने की इच्छा, विश्वास और धैर्य,

आज्ञाकारिता, ईश्वर के कार्य का अनुभव,

उसकी इच्छा समझना, उसकी व्यथा को विचारना।

तुम्हारे शुद्धिकरण के अनुभव को तुम्हारे विश्वास और प्यार की ज़रूरत है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'जिन्हें पूर्ण बनाया जाना है उन्हें शुद्धिकरण से अवश्य गुज़रना चाहिए' से रूपांतरित

पिछला: 836 जो पूर्ण किए गए हैं उनके पास क्या है

अगला: 838 हर किसी के पास पूर्ण किये जाने का अवसर है

परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें