685 इंसान को जो करना है उस पर उसे अटल रहना चाहिये

1

शुद्ध कुँवारी और पवित्र आत्मिक देह के समर्पण के मायने हैं,

सच्चे हृदय को परमेश्वर के सम्मुख रखना।

इंसान के लिये, निर्मलता है परमेश्वर के सामने सच्चा हो पाना।

एक ही शर्त है पवित्र आत्मा के कार्य की:

अपने पूरे दिल से खोजना चाहिये इंसान को,

शक की नज़रों से न देखे परमेश्वर के काम को,

निभाए हर वक्त अपने फ़र्ज़ को।

हासिल किया जा सकता है सिर्फ इसी तरह, पवित्र आत्मा के काम को।

2

परमेश्वर के कार्य के हर कदम में, अगाध आस्था होनी चाहिये इंसान की,

और खोजना चाहिये उसे परमेश्वर के सामने।

सिर्फ़ अनुभव के ज़रिये, परमेश्वर की प्रियता को पा सकता है इंसान,

कैसे कार्य करता है पवित्र आत्मा, देख सकता है इंसान।

अनुभव नहीं करते हो तुम अगर,

अपने मार्ग को इसके ज़रिये महसूस नहीं करते हो तुम अगर,

तो कुछ हासिल नहीं कर पाओगे, नहीं खोजते हो तुम अगर।

चूँकि अपने अनुभव से ही तुम परमेश्वर के कर्मों को देख पाओगे,

कितना अद्भुत है, कितना अथाह है वो, ये देख पाओगे।

3

यही सच्चा रास्ता है, चूँकि ये यकीन है तुम्हें,

अंत तक इसका अनुसरण करना चाहिये तुम्हें,

बनाए रखनी चाहिये अपनी भक्ति परमेश्वर के लिये।

चूँकि देखा है तुमने, परमेश्वर स्वयं आया है धरती पर पूर्ण करने तुम्हें,

तुम्हें अपना हृदय पूरी तरह से दे देना चाहिये।

वो कुछ भी करे चाहे, तुम्हारा परिणाम बुरा हो चाहे,

फिर भी कर सकते हो तुम उसका अनुसरण सदा।

यही है बनाए रखना निर्मलता।

एक प्राणी के फ़र्ज़ को पूरा करो, परिणाम चाहे कुछ भी हो,

परमेश्वर को जानने की खोज करो, और उसे प्रेम करो,

जैसे चाहे परमेश्वर तुम से बर्ताव करे, कभी शिकायत न करो।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'तुम्हें परमेश्वर के प्रति अपनी भक्ति बनाए रखनी चाहिए' से रूपांतरित

पिछला: 684 वे सभी जो निष्ठापूर्वक परमेश्वर की तलाश करते हैं, उसकी आशीषों को हासिल कर सकते हैं

अगला: 686 परमेश्वर का उद्धार पाने वाले ही जीवित हैं

परमेश्वर का आशीष आपके पास आएगा! हमसे संपर्क करने के लिए बटन पर क्लिक करके, आपको प्रभु की वापसी का शुभ समाचार मिलेगा, और 2023 में उनका स्वागत करने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें