247 हे परमेश्वर! मेरा दिल पहले से ही तेरा है

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हे परमेश्वर, तेरे सभी वचन सत्य हैं। तेरे वचनों के प्रकाशन से मैं खुद को स्पष्ट रूप से देख पाती हूँ।

हालाँकि तेरे प्रति अपने प्रेम की अभिव्यक्ति मैं ऊँचे सुर में करती थी, मैं तुझे समर्पित थी, तेरे लिए मैंने चीज़ों का त्याग कर दिया, लेकिन वो सब-कुछ आशीष और मुकुट हासिल करने के लिए था।

मुझे दिल में बहुत अफ़सोस होता है, तेरे साथ सौदेबाज़ी करना बहुत ही घृणित है।

तेरा न्याय और तेरी ताड़ना ने मुझे शुद्ध कर दिया है और मेरी आस्था की अशुद्धियों को दूर कर दिया है।

हे परमेश्वर! मेरा दिल पहले से ही तेरा है। अब मैं तेरे धार्मिक स्वभाव को जानती हूँ।

तेरे करुणामय वचन मेरे दिल पर नक्श हो गए हैं। मै तुझे सदा प्रेम करना चाहती हूँ।

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हे परमेश्वर, तेरे सभी वचन सत्य हैं। तू ही मुझे अपने वचनों से शुद्ध करता और बचाता है। 

मैं इतने ताड़ना और अनुशासन से, इतनी काट-छाँट और व्यवहार से गुज़रती हूँ, यह सब कुछ इसलिए होता है कि मैं बहुत ज़िद्दी और विद्रोही हूँ। 

भले ही मेरा दिल अत्यधिक पीड़ा में है, लेकिन मैं अनुभव कर पायी हूँ कि तेरा प्रेम कितना असल है। 

न्याय का अनुभव करने से मैं आज्ञा मानना सीखती हूँ, और तेरे प्रेम का प्रतिदान देने के लिए मैं अपना कर्तव्य निभाना चाहती हूँ।

हे परमेश्वर! मेरा दिल पहले से ही तेरा है। तेरी धार्मिकता सचमुच मनोहर है।

तेरे करुणामय वचन मेरे दिल पर नक्श हो गए हैं। मै तुझे सदा प्रेम करना चाहती हूँ। 

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हे परमेश्वर, तेरे सभी वचन सत्य हैं। तेरे वचन मेरे जीवन का आधार हैं।

यातना, कठिनाई, परीक्षण और शोधन में तेरे वचन हर वक्त मेरे साथ होते हैं।

कठिनाइयों और पीड़ा में जो बरस गुज़रे हैं, उनकी मधुर यादें मेरे साथ हैं, तेरी मनोहरता सदा मेरे दिल में बनी रहती है।

तेरे वचनों ने मेरी आस्था को पूर्ण किया है; मैं फिर कभी निराश या निरुत्साहित नहीं होऊँगी।

हे परमेश्वर! मेरा दिल पहले से ही तेरा है। केवल तू ही सबसे अच्छा, सबसे सुंदर है। 

तेरे करुणामय वचन मेरे दिल पर नक्श हो गए हैं। मै तुझे सदा प्रेम करना चाहती हूँ।

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