106 मैं बहुत ख़ुश हूँ परमेश्वर का प्रेम पा के

1 अंत के दिनों का मसीह प्रकट हुआ है धरती पर और लाया है अनंत जीवन का रास्ता। परमेश्वर के वचनों में सत्य को समझकर, हमें मिली है जीवन में एक दिशा। प्रभु पर विश्वास करते समय मैं छुड़ा नहीं पा रहा था ख़ुद को बुराई के बंधनों से, लेकिन अब परमेश्वर के वचनों के न्याय को करके अनुभव, मैं जान पाया हूँ ख़ुद को। मैं झुकता हूँ परमेश्वर के परीक्षणों और शुद्धिकरण के सामने, और मेरा जीवन स्वभाव गया है बदल। परमेश्वर के न्याय से होकर शुद्ध, मैं देख पाता हूँ उसका सच्चा प्रेम। अब जी रहा हूँ मैं इंसान के समान, आख़िरकार प्राप्त किया है मैंने परमेश्वर का उद्धार। ओह परमेश्वर! तुम्हारा प्रेम है सच्चा और बहुत सुदंर। तुमने जीता है मेरा दिल। मैं तुमसे गहरा प्यार करता हूँ।

2 परमेश्वर का वचन मुझे प्रेरित करता है, इसलिए मेरा हृदय संतुष्ट है और मेरी आत्मा आनंदमय है; उसके कथनों को पढ़कर और सत्य पर संगति करके, मैं पवित्र आत्मा द्वारा प्रबुद्ध हो गया हूँ। जब मैं सत्य को समझता हूँ और परमेश्वर के वचनों का अभ्यास करता हूँ, तो सभी चीज़ों में एक रास्ता होता है; मैंने शैतान की ताकतों को पीछे छोड़ दिया है, और मेरा दिल आज़ाद हो गया है। सत्य ने मुझे मुक्त कर दिया है, अंतत: मैं प्रकाश में रहता हूँ, मेरा दिल खुशी से भर गया है, और मैं बहुत खुश हूँ। परमेश्वर के वचनों ने मुझे बचा लिया है और मुझे उसके सामने जीने दिया है; मुझे अपना कर्तव्य का पालन करना और उसके प्रेम का प्रतिदान देना बहुत अच्छा लगता है। परमेश्वर से प्रेम रखने वाले सभी लोग सबसे धन्य हैं।

3 हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर! यह तुम ही हो जिसने मुझे खुशियों का जीवन दिया है और मुझे भ्रष्टाचार, नीचता और खोखलेपन के जीवन से छुटकारा पाने में सक्षम बनाया है। सत्य हासिल करके मैं एक ईमानदार व्यक्ति के रूप में तुम्हारे सामने जीता हूँ; मैं सच में बहुत धन्य हूँ जो अपने दिल में तुमसे प्रेम कर पाता और तुम्हारे प्रति श्रद्धा में जी पाता हूँ। तुम्हारे उद्धार का अनुग्रह कितना प्रबल है; अनंतकाल भी इसे पूरा बताने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। प्रिय सर्वशक्तिमान परमेश्वर! मैं तुमसे हमेशा प्रेम करूंगा; तुम्हारे न्याय और परीक्षणों के बावजूद, तुम चाहे प्रदान करो या मुझे ले लो, मैं तुम्हारा अगयपालन करूंगा और गवाही दूंगा। मेरा दिल किसी और का नहीं, बस तुम्हारा है, और मैं हमेशा तुमसे प्रेम करूंगा, तुम्हारी स्तुति करूंगा!

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अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

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