971 मनुष्य परमेश्वर के संरक्षण में विकसित होता है

1 जब कभी भी शैतान मनुष्य को भ्रष्ट करता है या उसे निरंकुश क्षति पहुँचाता है, तो परमेश्वर अपने चुने हुओं की उपेक्षा नहीं करता या उन्हें अनदेखा नहीं करता। इसके बजाए, कोई ध्यान आकर्षित किए बिना, परमेश्वर वह सब करता है जो आवश्यक है। वह तुम्हारे लिए एक परिवार चुनता है; फिर वह उस तिथि को चुनता है जब तुम्हारा जन्म होगा। जब तुम जन्म लेते हो और रोते हुए इस संसार में आते हो तो परमेश्वर देखता है। वो तुम्हें देखता है जब तुम अपने पहले शब्दों को बोलते हो, तुम्हें देखता है जब तुम चलना सीखते हुए लड़खड़ाते हो और डगमगाते हुए अपने पहले कदमों को उठाते हो। ... बड़े होने की प्रक्रिया में, हो सकता है कि तुम कई चीज़ों का सामना कर सकते हो जो तुम्हारी पसन्द की न हों, जैसे कि बीमारी एवं कुंठा। परन्तु जैसे-जैसे तुम इस मार्ग पर चलते हो, तो तुम्हारा जीवन और तुम्हारा भविष्य पूरी तह से परमेश्वर की देखरेख के अधीन होता है। तुम बड़े होते हुए, परिपक्व होते हुए, परमेश्वर की दृष्टि के अधीन जीते हो।

2 सबसे महत्वपूर्ण चीज़ जो परमेश्वर करता है वह है तुम्हारी सुरक्षा की गारंटी देना, यह गारंटी देना कि तुम शैतान के द्वारा निगले नहीं जाओगे। प्रत्येक व्यक्ति ने अनेक ख़तरनाक परिस्थितियों और अनेक प्रलोभनों का सामना किया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि शैतान तुम्हारे बगल में खड़ा है, उसकी आँखें लगातार तुम्हारे ऊपर जमी हैं। जब तुम पर आपदा आती है, शैतान इसमें आनंद मनाता है; जब तुम पर विपदाएँ पड़ती हैं, जब तुम शैतान के जाल में फँस जाते हो, इन बातों से शैतान को बड़ा मज़ा आता है। लेकिन परमेश्वर हर बीतते क्षण के साथ तुम्हारी सुरक्षा कर रहा है, एक के बाद एक दुर्भाग्य से और एक के बाद एक आपदा से तुम्हें बचा रहा है। इसीलिए जो कुछ मनुष्य के पास है—शान्ति और आनन्द, आशीषें एवं व्यक्तिगत सुरक्षा—सब-कुछ परमेश्वर के नियंत्रण के अधीन है; वह हर प्राणी के भाग्य का निर्धारण करता है।

3 वह हाथ पकड़कर हर किसी की अगुवाई करता है, हर बीतते क्षण तुम्हारी देखरेख करता है और उसने तुम्हारा साथ कभी नहीं छोड़ा है। जब लोग इस प्रकार के वातावरण में और इस प्रकार की पृष्ठभूमि में बढ़ते हैं, तो लोग वास्तव में परमेश्वर की हथेली में बढ़ते हैं। ये चीज़ें जो परमेश्वर करता है, मनुष्य के लिए आशीषें, शान्ति एवं आनन्द लाती हैं; तब वे परमेश्वर के सामने रहते हैं और सामान्य विवेक और विचार के साथ परमेश्वर के उद्धार को स्वीकारते हैं। परमेश्वर विश्वासयोग्य है और जो कुछ वह करता है उसमें सच्चा है। वही एकमात्र है जिस पर लोग भरोसा कर सकते हैं; एकमात्र परमेश्वर है जिसे लोग अपना जीवन एवं उनके पास जो है वो सबकुछ सौंप सकते हैं।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है VI' से रूपांतरित

पिछला: 970 परमेश्वर के पवित्र सार को समझना बहुत ही महत्वपूर्ण है

अगला: 972 परमेश्वर निरंतर मनुष्य के जीवन का मार्गदर्शन करता है

सभी विश्वासी यीशु मसीह की वापसी के लिए तरस रहे हैं। क्या आप उनमें से एक हैं? हमारी ऑनलाइन सहभागिता में शामिल हों और आपको परमेश्वर से फिर से मिलने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें