435 अगर तुम ईश्वर में विश्वास करते हो तो उसे अपना हृदय सौंप दो

क्योंकि विश्वास तुम ईश्वर में करते हो, दे दो उसे अपना दिल।

अर्पित कर दो अपना दिल, उसके शुद्ध होने पर,

न इनकार करोगे, न छोड़ोगे तुम ईश्वर को।

ईश्वर से रिश्ता तुम्हारा सामान्य हो जाएगा।

और परमेश्वर से तुम्हारी बात पहले से कहीं ज़्यादा होगी।

1

अगर इस तरह सदा अभ्यास करोगे, तो ईश्वर की रोशनी में ज़्यादा रहोगे,

उसके वचन तुम्हें ज़्यादा राह दिखाएँगे, ज़्यादा बदलेगा स्वभाव तुम्हारा।

दिन-ब-दिन संचित होगा, ज्ञान तुम्हारा।

जब आएगा दिन और अचानक तुम ईश्वर के परीक्षणों से गुज़रोगे,

तो न सिर्फ ईश्वर के साथ खड़े होगे, बल्कि उसकी गवाही दोगे तुम।

तब अय्यूब और पतरस से इंसान बन जाओगे तुम।

क्योंकि विश्वास तुम ईश्वर में करते हो, दे दो उसे अपना दिल।

अर्पित कर दो अपना दिल, उसके शुद्ध होने पर,

न इनकार करोगे, न छोड़ोगे तुम ईश्वर को।

ईश्वर से रिश्ता तुम्हारा सामान्य हो जाएगा।

और परमेश्वर से तुम्हारी बात पहले से कहीं ज़्यादा होगी।

ईश्वर की गवाही देकर तुम उसे, सच में प्यार करने वाले इंसान बन जाओगे।

उसके लिए तुम जान दे पाओगे, उसकी गवाही बन जाओगे।

तुम प्रिय हो जाओगे, तुम ईश्वर के प्रिय हो जाओगे।

क्योंकि विश्वास तुम ईश्वर में करते हो, दे दो उसे अपना दिल।

अर्पित कर दो अपना दिल, उसके शुद्ध होने पर,

न इनकार करोगे, न छोड़ोगे तुम ईश्वर को।

ईश्वर से रिश्ता तुम्हारा सामान्य हो जाएगा।

और परमेश्वर से तुम्हारी बात पहले से कहीं ज़्यादा होगी।

2

शुद्धिकरण से गुज़रा हुआ प्यार, कमज़ोर नहीं, ये मज़बूत होता है

ईश्वर तुम्हारा परीक्षण कभी भी, कैसे भी ले,

तुम जियोगे या मरोगे ये विचार नहीं करोगे।

तुम ईश्वर के लिए खुशी से सब-कुछ त्याग दोगे,

खुशी से सब-कुछ तुम सह लोगे।

इस तरह प्रेम शुद्ध होगा, होगी आस्था असली तुम्हारी,

तब प्रेम करेगा ईश्वर तुम्हें।

तभी तुम ईश्वर द्वारा पूर्ण बन पाओगे।

क्योंकि विश्वास तुम ईश्वर में करते हो, दे दो उसे अपना दिल।

अर्पित कर दो अपना दिल, उसके शुद्ध होने पर,

न इनकार करोगे, न छोड़ोगे तुम ईश्वर को।

ईश्वर से रिश्ता तुम्हारा सामान्य हो जाएगा।

और परमेश्वर से तुम्हारी बात पहले से कहीं ज़्यादा होगी।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'केवल शुद्धिकरण का अनुभव करके ही मनुष्य सच्चे प्रेम से युक्त हो सकता है' से रूपांतरित

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