217 पवित्र आत्मा के नए काम का अनुसरण करो और परमेश्वर की स्वीकृति प्राप्त करो

1

ओ... ओ... ओ... ओ...

पवित्र आत्मा के काम पर चलने का मतलब

परमेश्वर की आज की इच्छा को समझना,

परमेश्वर की मांग के अनुसार कार्य करना,

आज के परमेश्वर के पीछे चलना,

उसकी वर्तमान अपेक्षाओं को मानना,

उसके नवीनतम कथनों में प्रवेश करना।

ऐसे लोग चलते हैं पवित्र आत्मा के काम पर।

वे हैं पवित्र आत्मा की धारा में, देख सकते हैं परमेश्वर को,

पा सकते हैं स्वीकृति परमेश्वर की।

जान सकते हैं वो परमेश्वर के स्वभाव को,

जान सकते हैं वो इंसान की धारणाओं, नाफ़र्मानी को,

जान सकते हैं वो इंसान की प्रकृति, उसके सार को।

और तो और, परमेश्वर की सेवा में, बदल जाएगा उनका स्वभाव।

ऐसे लोग ही हैं जो सिर्फ़ पा सकते हैं परमेश्वर को।

ऐसे लोग ही हैं जिन्हें सिर्फ़ सही में मिल चुका है एकमात्र सच्चा रास्ता।

2

परमेश्वर के नवीनतम कार्य का ज्ञान होना नहीं है आसान।

लेकिन अगर लोग इरादतन परमेश्वर के कार्य को मानें,

इरादतन करें उसकी खोज,

तो परमेश्वर को देखने का मिलेगा उन्हें मौक़ा,

तो पवित्र आत्मा का नया मार्गदर्शन पाएंगे वो।

और तो और, परमेश्वर की सेवा में, बदल जाएगा उनका स्वभाव।

ऐसे लोग ही हैं जो सिर्फ़ पा सकते हैं परमेश्वर को।

ऐसे लोग ही हैं जिन्हें सिर्फ़ सही में मिल चुका है एकमात्र सच्चा रास्ता।

3

जानबूझकर जो लोग करते हैं विरोध परमेश्वर के कार्य का,

मिलती नहीं उन्हें पवित्र आत्मा की प्रबुद्धता,

मिलता नहीं उन्हें परमेश्वर का मार्गदर्शन।

इसलिए लोग परमेश्वर के नवीनतम कार्य को प्राप्त कर पाते हैं या नहीं

इसलिए लोग परमेश्वर के नवीनतम कार्य को प्राप्त कर पाते हैं या नहीं

निर्भर है परमेश्वर के अनुग्रह पर, निर्भर है उनके अपने अनुसरण पर,

निर्भर है उनके अपने इरादों पर। निर्भर है उनके अपने इरादों पर।

ओ... ओ... ओ... ओ...

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'परमेश्वर के सबसे नए कार्य को जानो और उसके पदचिह्नों का अनुसरण करो' से रूपांतरित

पिछला: 216 जो नये काम को स्वीकारते हैं वो धन्य हैं

अगला: 218 अंत तक अनुसरण करने के लिये आत्मा के कार्य का पालन करो

परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें