303 मसीह का अनुसरण करना परमेश्वर द्वारा नियत है

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यह परमेश्वर ने नियत किया है कि हम मसीह का अनुसरण करें और परीक्षणों एवं क्लेशों से गुजरें।

अगर हम परमेश्वर से सच्चा प्रेम करते हैं तो हमें उसकी संप्रभुता और व्यवस्थाओं के प्रति समर्पित होना चाहिए।

परीक्षणों और क्लेशों से गुजरना परमेश्वर से आशीष पाना है,

और परमेश्वर कहता है कि मार्ग जितना दुरूह होगा,

वह हमारे प्रेम को उतना ही ज्यादा दिखाएगा।

हम आज जिस मार्ग पर चल रहे हैं उसे परमेश्वर ने ही नियत किया था।

अंत के दिनों में मसीह का अनुसरण करना सबसे बड़ा आशीष है।

2

मैं परमेश्वर के वचनों के न्याय का अनुभव करता हूँ और परीक्षणों और क्लेशों की पीड़ा को सहता हूं,

फिर भी मैं परमेश्वर के वचनों में सुख का अनुभव करता हूं

और मैंने परमेश्वर के प्रेम और आशीषों को देखा है।

मैं उसकी उपस्थिति का आनंद लेता हूँ और सच्चा सुख एवं शांति प्राप्त करता हूं।

परमेश्वर के वचनों के सहारे मेरे अंदर दृढ़ता से गवाही देने का विश्वास पैदा होता है।

खतरे के क्षणों में जब मैं शांति से मौत का सामना करता हूं तो मैं इसमें परमेश्वर का हाथ देखता हूं।

परमेश्वर हमेशा गुप्त रूप से मेरे साथ रहता है।

परमेश्वर के वचन मेरी शक्ति हैं; उन्हीं के कारण मैं आज तक अनुसरण करता आया हूं।

मसीह बहुत मनोहर है; वह मेरा परमेश्वर है।

परमेश्वर मानवजाति के उद्धार के लिए बहुत कष्ट सहता है।

इंसान होने के नाते मुझे अपना जीवन परमेश्वर के लिए जीना चाहिए।

परमेश्वर से दिल से प्रेम करना और उसकी गवाही देना—बस मुझे इसी तरह जीना चाहिए।

परमेश्वर से प्रेम करने का अनुसरण करते हुए कोई भी कष्ट ऐसा नहीं है जिसे सहा न जा सके।

निरंतर मसीह का अनुसरण करते हुए मैं परमेश्वर के रूबरू हूं।

मसीह सत्य है और एक व्यवहारिक परमेश्वर है।

मैं हमेशा परमेश्वर से प्रेम करूंगा और हमेशा उसकी गवाही दूंगा।

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