920 सभी चीज़ें परमेश्वर के अधिकार-क्षेत्र के अधीन होंगी

सारे बदलाव उसके काम के तीन-चरण के भीतर।

मानवता ख़ुद ही नहीं बढ़ती, न ये वक़्त

न ये कुदरत, या दुनिया।

परमेश्वर के कामो से चीज़ें बदलती हैं।

और उसने बनाए जो प्राणी,

सारे धर्मों के इंसां, आएँगे उसकी हुकूमत के तले।

केवल परमेश्वर कर सकता, ये काम,

मज़हबी नुमाइंदों के बस का नहीं।

सबका वजूद परमेश्वर तले, वो रहनुमा है लोगों का।

मज़हबी आका महज़ इंसां हैं, परमेश्वर के आगे ये इंसां क्या।

सारी चीज़ें हैं उसके हाथों में, अंत में लौट जाएँगी वहीं।

फ़र्क पड़ता नहीं क्या है तेरा धर्म, सब झुक जाएँगे उसके आगे।

परमेश्वर ही है सबसे ऊंचा।

राजा हो या रानी, करेंगे नमन उसको।

कोई राह दिखा नहीं सकता मानवता की मंज़िल को,

न चीज़ों को वर्गों के मुताबिक़ दर्ज़ा दे सकता।

जिसने बनाई नहीं दुनिया, कैसे मिटा सकता है?

जिसने रची है ये दुनिया वही युग को अंजाम देगा।

जिनमें ये ताकत नहीं है, वो न परमेश्वर, न प्रभु।

ये महान काम है उनकी पहुंच से दूर।

केवल परमेश्वर कर सकता है ये काम;

जो कोशिश करते हैं वो दुश्मन हैं।

पंथों से नहीं बनती परमेश्वर की, वो दुश्मन हैं परमेश्वर के!

सारी चीज़ें हैं उसके हाथों में, अंत में लौट जाएँगी वहीं।

फ़र्क पड़ता नहीं क्या है तेरा धर्म, सब झुक जाएँगे उसके आगे।

परमेश्वर ही है सबसे ऊंचा।

राजा हो या रानी, करेंगे नमन उसको।

कोई राह दिखा नहीं सकता मानवता की मंज़िल को,

न चीज़ों को वर्गों के मुताबिक़ दर्ज़ा दे सकता।

पूरी दुनिया का काम करता है परमेश्वर;

उसका ही है काम, आत्मा या देह में।

मानवता का परमेश्वर,

उसे काम की आज़ादी, असीमित है चीज़ों से!

सारी चीज़ें हैं उसके हाथों में, अंत में लौट जाएँगी वहीं।

फ़र्क पड़ता नहीं क्या है तेरा धर्म, सब झुक जाएँगे उसके आगे।

परमेश्वर ही है सबसे ऊंचा।

राजा हो या रानी, करेंगे नमन उसको।

कोई राह दिखा नहीं सकता मानवता की मंज़िल को,

न चीज़ों को वर्गों के मुताबिक़ दर्ज़ा दे सकता।

दूजा नहीं बस यहोवा ये कर सकता है,

वो परमेश्वर है मानवता का।

— 'वचन देह में प्रकट होता है' से रूपांतरित

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