622 परमेश्वर की जोश में की गयी सेवा के परिणाम

1 जो कोई भी परमेश्वर का आदर नहीं करता है और जिनके पास ऐसा हृदय नहीं है जो भय से काँपता हो, वह आसानी से परमेश्वर की प्रशासनिक आज्ञाओं का उल्लंघन करेगा। अनेक लोग अपने आवेश की शक्ति के आधार पर परमेश्वर की सेवा तो करते हैं, किन्तु उन्हें परमेश्वर की प्रशासनिक आज्ञाओं की कोई समझ नहीं होती है, उसके वचनों के निहितार्थों का तो बिलकुल भी आभास नहीं होता है। इसलिए, अपने अच्छे इरादों के साथ, वे प्रायः उन चीज़ों को करना समाप्त कर देते हैं जो परमेश्वर के प्रबंधन को बाधित करती हैं। गंभीर मामलों में, आगे से परमेश्वर का अनुसरण करने के किसी भी अवसर से वंचित, वे फेंक दिए जाते हैं, और उन्हें नरक में फेंक दिया जाता है और परमेश्वर के घर के साथ उनके सभी सम्बन्ध समाप्त हो जाते हैं। ये लोग अपने अनभिज्ञ अच्छे इरादों की शक्ति पर परमेश्वर के घर में काम करते हैं, और परमेश्वर के स्वभाव को क्रोधित करके समाप्त हो जाते हैं। यदि तुममें ज्ञान की वास्तविकता का अभाव है और तुम सत्य से सुसज्जित नहीं हो, तो तुम्हारी आवेशपूर्ण सेवा तुम्हारे ऊपर परमेश्वर की सिर्फ घृणा और नफ़रत ही लाएगी। अब तक तुम्हें समझ जाना चाहिए कि परमेश्वर में विश्वास अध्यात्म-विज्ञान का अध्ययन मात्र नहीं है।

2 लोग अधिकारियों और स्वामियों की सेवा करने के अपने तरीकों को परमेश्वर के घर में लाते हैं, और व्यर्थ में यह सोचते हुए कि ऐसे तरीकों को यहाँ आसानी से लागू किया जा सकता है, उन्हें काम में लाते हैं। उन्होंने कभी भी यह कल्पना नहीं की कि परमेश्वर के पास एक मेमने का नहीं बल्कि एक सिंह का स्वभाव है। इसलिए, जो लोग पहली बार परमेश्वर से जुड़ रहे हैं, वे उससे संवाद करने में असमर्थ होते हैं, क्योंकि परमेश्वर का हृदय मनुष्य के समान नहीं है। जब तुम अनेक सत्यों को समझ जाते हो, केवल उसके बाद ही तुम परमेश्वर को लगातार जान सकते हो। यह ज्ञान वाक्यांशों या सिद्धान्तों से नहीं बना होता है, बल्कि इसे एक खज़ाने के रूप में उपयोग किया जा सकता है जिसके माध्यम से तुम परमेश्वर के साथ घनिष्ठ विश्वास में प्रवेश करते हो और एक प्रमाण के रूप में उपयोग किए जा सकते हो कि वह तुममें आनंदित होता है। यदि तुममें ज्ञान की वास्तविकता का अभाव है और तुम सत्य से सुसज्जित नहीं हो, तो तुम्हारी आवेशपूर्ण सेवा तुम्हारे ऊपर परमेश्वर की सिर्फ घृणा और नफ़रत ही लाएगी। अब तक तुम्हें समझ जाना चाहिए कि परमेश्वर में विश्वास अध्यात्म-विज्ञान का अध्ययन मात्र नहीं है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में "तीन चेतावनियाँ" से रूपांतरित

पिछला: 621 स्वभाव बदले बिना कोई परमेश्वर की सेवा नहीं कर सकता

अगला: 623 क्या इस तरह का स्वभाव परमेश्वर की सेवा के योग्य है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें