4 आओ सिय्योन में लेकर यशगान

1

आओ सिय्योन में लेकर यशगान।

पहले ही प्रकट हो चुका है परमेश्वर का धाम।

आओ सिय्योन में लेकर यशगान।

करते उसके पवित्र नाम का सब गुणगान; ये फैल रहा है।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर! सारे जहाँ का मालिक, आख़िरी मसीह,

चमकता-दमकता सूरज हमारा,

उदित हुआ सबसे भव्य पर्वत सिय्योन पर। सर्वशक्तिमान परमेश्वर!

आओ सिय्योन में लेकर यशगान।

नाचें-गाएं और करें हम सब तुम्हारी जयजयकार।

हम सबके उद्धारक हो तुम, कायनात के मालिक हो तुम।

2

विजेताओं का समूह बनाया तुमने,

परमेश्वर की प्रबंधन योजना पूरी की तुमने।

लौट के आना होगा सबको इस पर्वत पर,

प्रार्थना करनी होगी तुम्हारे सिंहासन के सम्मुख झुककर!

एकमात्र सच्चे परमेश्वर तुम हो, महिमामय, माननीय तुम हो।

सारी महिमा, सारा यश, सारा अधिकार, तुम्हारे सिंहासन का है।

जीवन-स्रोत प्रवाहित होता सिंहासन से,

सींचे, पोषित करे तुम्हारे लोगों को ये,

हर दिन जीवन बदल रहा है हम सबका।

नव-प्रकाश प्रबुद्ध करे, हमारा अनुसरण करे,

परमेश्वर के बारे में प्रकाशित नई बात करे।

3

सच्चे परमेश्वर की, अनुभव से पुष्टि करो।

परमेश्वर के वचन प्रकट होते, सही इंसानों में।

सचमुच धन्य हुए हैं हम!

रूबरू होते हर दिन हम परमेश्वर से,

हर बात पर संवाद करते परमेश्वर से।

सबकुछ तय करने दो परमेश्वर को।

परमेश्वर के वचनों पर सोच-विचार करो।

हृदय हमारे ख़ामोश हैं अंतर में परमेश्वर के।

इस तरह हम सम्मुख आते परमेश्वर के,

पाते हम उसका प्रकाश सम्मुख परमेश्वर के।

जीवन, कर्म, वचन, विचार का हैं आधार, वचन परमेश्वर के।

अच्छे-बुरे में सदा बताएं अंतर हम को।

4

परमेश्वर के वचन ज्यूँ सुई धागा खींचे।

अंतर्मन में दबा है जो कुछ, बाहर आएगा एक-एक करके।

विलम्ब नहीं, संवाद करो तुम परमेश्वर से।

चिंतन और विचार उजागर होते परमेश्वर से।

हर पल जीते, न्याय का अनुभव करते, सम्मुख मसीह के सिंहासन के।

अब भी है शैतान का कब्ज़ा, हमारे अंग‌-अंग पर।

ईश्वर का अधिकार बहाल करने के लिए,

उसके मंदिर को शुद्ध करना होगा।

हो जाएं हम परमेश्वर के पूरी तरह, लड़ना होगा युद्ध हमें जीवन-मृत्यु का,

चढ़ जाएगा सूली जब निज रूप हमारा,

पुनर्जीवित मसीह के जीवन का तब शासन होगा।

पवित्र आत्मा बोल रहा है धावा, हमारे हर हिस्से पर, रण छेड़ रहा है!

होंगे जब तैयार त्याग करने की ख़ातिर, और करें सहयोग परमेश्वर को,

तब परमेश्वर जगमगाएगा ज्योति अपनी, करने शुद्ध हमारे अंतर्मन को,

लेगा वो वापस जो है शैतान के कब्ज़े में,

ताकि बनाए पूर्ण परमेश्वर हमको।

करो न ज़ाया वक्त, रहो परमेश्वर के वचनों के अंतर में।

साथ बढ़ो संतों के तुम, आओ राज्य में उसके तुम,

और संग परमेश्वर के करो प्रवेश महिमा में तुम।

आओ सिय्योन में लेकर यशगान।

पहले ही प्रकट हो चुका है परमेश्वर का धाम।

आओ सिय्योन में लेकर यशगान।

करते उसके पवित्र नाम का सब गुणगान; ये फैल रहा है।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर! सारे जहाँ का मालिक, आख़िरी मसीह,

चमकता-दमकता सूरज हमारा,

उदित हुआ सबसे भव्य पर्वत सिय्योन पर। सर्वशक्तिमान परमेश्वर!

आओ सिय्योन में लेकर यशगान।

नाचें-गाएं और करें हम सब तुम्हारी जयजयकार।

हम सबके उद्धारक हो तुम, कायनात के मालिक हो तुम।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'आरंभ में मसीह के कथन' के 'अध्याय 1' से रूपांतरित

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