81 हे परमेश्वर, मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता/सकती हूँ

तुम्हीं हो जो अपने सामने मुझे लाते हो।

तुम्हारे मीठे वचन, तुम्हारा सौम्य प्रेम,

तुम्हारा मनोहर प्रेम ही है,

जो मेरे दिल को कसकर पकड़े हुए है,

जो आज के दिन से मेरे दिल को तुमसे प्रेम करवाता है।

ओह ... मेरा दिल हमेशा तुम्हारे बारे में सोचता है।

ओह ... मेरा दिल हमेशा तुम्हारे बारे में सोचता है।

मुझे हो गया है तुमसे दिल की गहराइयों से प्रेम।

कोई मानवीय शब्द यह बयान नहीं कर सकते हैं।

तुम्हारा सुंदर चेहरा मजबूर करता है

तुम्हें प्रेम करने के लिए मुझे।

तुम्हारे स्नेहशील वचन मेरे दिल के तारों को खींचते हैं।

छांटते, संभालते, अनुशासित करते और प्रबुद्ध करते हुए

मुझे तुम्हारे प्रेम का अधिक अनुभव करने में मदद करते हैं।

और ओह ... मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता/सकती हूँ।

ओह ... मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता/सकती हूँ।

हे परमेश्वर! तुम सच में हो सुंदर।

तुम्हारे ज्ञानपूर्ण कर्म मुझे करते हैं प्रफुल्लित।

हालांकि आज परीक्षणों के माध्यम से दर्द

मेरे दिल का करता है शुद्धिकरण,

तुम्हें प्रेम करने का मुझे कोई पछतावा नहीं है।

हे परमेश्वर! बस जितना हो सके मुझे तुम्हें प्रेम करने दो।

मैं तुम्हारी योजनाओं के आगे झुकता/झुकती हूँ।

मैं बिना किसी शिकायत तुम्हारे सामने झुकता/झुकती हूँ।

मैं करूंगा/करूंगी पूरी कोशिश तुम्हें संतुष्ट करने की,

क्योंकि करता/करती हूँ मैं तुमसे बेहद प्रेम।

हालांकि परीक्षण हैं बहुत गंभीर,

मुझे पता नहीं कि वे कब होंगे समाप्त,

मुझे है तुम पर पूरा विश्वास।

मुझे बस करना है तुम्हें प्रसन्न,

मैं तैयार हूं सहने के लिए ताड़ना भी।

ओह ... तुम्हारे लिए मेरा प्यार कभी नहीं बदलेगा।

ओह ... तुम्हारे लिए मेरा प्यार कभी नहीं बदलेगा।

ओह ... मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता/सकती हूँ।

हे परमेश्वर, मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता/सकती हूँ।

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