362 परमेश्वर किसी भी सर्जित प्राणी को उसे धोखा देने नहीं देता

1 चूंकि तुमने पहले से ही मेरी सेवा करने का दृढ़ संकल्प किया है, मैं तुम्हें जाने नहीं दूँगा। मैं ऐसापरमेश्वर हूं जो बुराई से घृणा करता है, और मैं एक ऐसा परमेश्वर हूं जिसके दिल में मनुष्य के लिए जलन है। चूंकि तुमने पहले से ही अपने वचनों को वेदिका पर रख दिया है, मैं यह बर्दाश्त नहीं करूँगा कि तुम मेरी ही आंखों के सामने से भाग जाओ, और मैं यह भी बर्दाश्त नहीं करूँगा कि तुम दो स्वामियों की सेवा करो। क्या तुम्हें लगता है कि मेरी वेदिका पर अपने वचनों को रखकर, मेरी आँखों के सामने उन्हें रखकर, तुम किसी दूसरे से प्रेम कर सकते हो? मैं लोगों को इस तरह से स्वयं को मूर्ख बनाने कैसे दे सकता हूं? क्या तुम्हें लगा कि तुम आसानी से प्रतिज्ञा कर सकते हो, अपनी जीभ से मेरे प्रति शपथ ले सकते हो?

2 तुम मेरे सिंहासन के प्रति, जो सबसे ऊँचा है, कैसे अपनी शपथ ले सकते हो? क्या तुम्हें लगा कि तुम्हारी शपथ पहले से ही समाप्त हो चुकी है? मैं तुम लोगों को बताना चाहता हूँ कि भले ही तुम्हारी देह समाप्त हो जाए, तुम्हारी शपथ समाप्त नहीं हो सकती। अंत में, मैं तुम लोगों की शपथ के आधार पर तुम्हारी निंदा करूँगा। फिर भी तुम लोगों को लगता है मुझसे निपटने के लिए तुम अपने वचनों को मेरे सामने रख सकते हो और तुम लोगों के दिल अशुद्ध आत्माओं और बुरी आत्माओं की सेवा करते रहेंगे। मेरा क्रोध उन कुत्तों और सुअर जैसे लोगों को कैसे बर्दाश्त कर सकता है जो मुझे धोखा देते हैं?

3 मुझे अपने प्रशासनिक नियमों को पूरा करना होगा, और अशुद्ध आत्माओं के हाथों से उन सभी घुटते हुए, "पवित्र" लोगों को निकालना होगा जो मेरा बैल बनने, मेरा घोड़ा बनने और जो मेरे द्वारा वध किए जाने की दया पाने के लिये मुझ पर विश्वास करते हैं, एक व्यवस्थित ढंग से "मेरी प्रतीक्षा" करते हैं। मैं तुमसे तुम्हारा पिछला दृढ़ संकल्प फिर से उठवाऊँगा और एक बार फिर से अपनी सेवा करवाऊँगा। सृष्टि की कोई भी वस्तु मुझे धोखा दे, यह मैं सहन नहीं करूँगा। तुम्हें क्या लगा कि तुम स्वच्छंदता से अनुरोध कर सकते हो और मेरे सामने स्वच्छंदता से झूठ बोल सकते हो? तुम्हें लगता है कि मैं तुम्हारें वचनों और कर्मों को सुन या देख नहीं सकता हूँ? तुम्हारे वचन और कर्म मेरी दृष्टि से कैसे बच सकते हैं? मैं लोगों को इस तरह से धोखा कैसे देने दे सकता हूं?

— "वचन देह में प्रकट होता है" में "कितना नीच है तुम्हारा चरित्र!" से रूपांतरित

पिछला: 361 मनुष्य के कामों में परमेश्वर के प्रति उसकी धोखाधड़ी व्याप्त है

अगला: 363 लोग नहीं जानते कि वे कितने अधम हैं

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें