155 तुम्हारी रोशनी में आता है हर देश

सिसकते इंसान को दुलारने की ख़ातिर

अपने आगोश में ले लेते हो तुम,

अपनी मज़बूत और फ़िक्रमंद बाहें फैला देते हो तुम,

और चमक रही हैं तेजस्वी आँखें तुम्हारी!

कसकर थामता है हमें तुम्हारा प्रेम, करुणा तुम्हारी,

और प्रकट होती है मुखाकृति महिमामय तुम्हारी।

लम्बे समय से भ्रष्ट संसार में,

अब रोशनी की किरणें हैं तुम्हारी, तुम्हारी।

पतित और पापी दुनिया हमारी मर रही है,

फिर से उद्धारक को आने के लिये पुकार रही है।

तुम हर इंसान के लिये उम्मीद लाते हो,

और दो हज़ार साल के इंतज़ार का अंत लाते हो, लाते हो!

आते हैं सभी देश तुम्हारी रोशनी में,

होंगे आज़ाद दुष्ट की अधीनता से।

होंगे आज़ाद हमेशा के लिये हम अंधेरों से।

होंगे आज़ाद पुकारने को

"होता रहे गुणगान तुम्हारे नाम का अनंतकाल तक!"

पिछला: 154 मेरे प्रिय, इंतज़ार करो मेरा

अगला: 156 परमेश्वर के लिये मेरा प्रेम कभी नहीं बदलेगा

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें