288 परमेश्वर आज भी हमसे प्रेम करता है

1 

परमेश्वर देहधारण करके मानवजाति के बीच आ गया है, वह दीन बनकर छिपकर सत्य व्यक्त कर रहा है, 

मनुष्य के रूप में इंसानी कष्टों का अनुभव कर रहा है, दुनिया के खट्टे मीठे और लौकिक अनुभव ले रहा है।

वह कलीसियाओं में जा रहा है, वसंत, ग्रीष्म, पतझड़ और सर्दियों के अनगिनत मौसमों से गुजर रहा है।

उसके वचन हमारा न्याय करते, हमें शुद्ध करते और शैतान से बचाते है। 

मसीह के रूबरू होकर ही अब हमने जाना है कि परमेश्वर सत्य है।

परमेश्वर ने हमारे दिलों को जागृत कर दिया है और हमने जाना है कि हमारी भ्रष्टता कितनी गहरी है।

उसके धैर्य और सहनशीलता के कारण ही हम बचा लिए गए हैं।

हम परमेश्वर के उद्धार की महानता का अनुभव करते हैं; वह सचमुच हमारे प्रेम और स्तुति के लायक है। 


2 

परमेश्वर ने इंसान के उद्धार के लिए हर तरह के कष्ट सहे, खून-पसीना बहाया, आंसू बहाए।

पहले के दृश्य भूलना मुश्किल है, इंसान के लिए परमेश्वर का प्रेम अथाह है। 

कमजोर क्षणों में परमेश्वर ने मुझे संभाला; जब मेरे दिल में दर्द हुआ तो उसके वचनों ने मुझे दिलासा दी।

जब मैं अहंकारी हुआ तो परमेश्वर ने मुझे ताड़ना जी, मुझे अनुशासित किया; धीरे धीरे उसने मुझे आज तक राह दिखाई। 

कितनी ही बार परमेश्वर प्रतापी न्याय लाया, कितनी ही बार उसने हमारी काट-छाँट की और हमारा निपटारा किया,

हमारी भ्रष्टता शुद्ध की ताकि हम इंसान की तरह जी सकें।

हम परीक्षणों और क्लेशों से गुजरे हैं, और परमेश्वर के वचन हमारा मार्गदर्शन करते हैं, हमें प्रबुद्ध करते हैं, राह दिखाते हैं, 

हमें आस्था और शक्ति देते हैं। परमेश्वर के साथ हमने शैतान पर विजय पा ली है।

परमेश्वर सदा हमारे साथ रहा है; हम उसकी अपेक्षाओं को पूरा करने में नाकाम कैसे हो सकते हैं?

उसके उपदेशों को मन में रखकर, मैं उसे सांत्वना देने के लिए अपने कर्तव्य का निर्वाह करूंगा, 

तमाम परीक्षणों और कष्टों को सह लूंगा और उसे महिमामंडित करने के लिए शानदार गवाही दूंगा।

परमेश्वर से प्रेम करने का मार्ग मुश्किलों और कुंठा से भरा है; नकारात्मक और पतित होकर मैं फिर से खड़ा हो जाऊंगा।

चाहे कितनी भी मुश्किलें आएँ, मैं हमेशा परमेश्वर से प्रेम करूंगा, न शिकायत करूंगा, न पछताऊँगा!

पिछला: 287 हम अंत के दिनों के मसीह के गवाह हैं

अगला: 289 परमेश्वर ने इंसान पर हमेशा निगाह रखी है

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर धर्मोपदेश और संगति अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें