387 विश्वास के लिए मुख्य है परमेश्वर के वचनों को जीवन की वास्तविकता के रूप में स्वीकार करना

I

परमेश्वर पर विश्वास नहीं होना चाहिए

चमत्कारों और संकेतों को देखने के उद्देश्य से,

नहीं होना चाहिए तुम्हारी व्यक्तिगत देह के लिए।

होना चाहिए यह परमेश्वर को जानने की तलाश के लिए,

सर्वोत्तम ढंग से परमेश्वर की आज्ञा का पालन करने के लिए।

पतरस की तरह मृत्यु तक परमेश्वर की आज्ञा मानो।

यही वो सब है जो प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए।


II

परमेश्वर के वचनों को खाने और पीने का उद्देश्य है

परमेश्वर को सही में जानना,

परमेश्वर को संतुष्ट करना।

परमेश्वर के वचनों को खाने और पीने का उद्देश्य है

परमेश्वर का और ज़्यादा ज्ञान पाना।

सिर्फ़ तब कर पाओगे तुम उसकी आज्ञा का पालन, कर पाओगे उसे प्रेम।

यही होना चाहिए परमेश्वर पर विश्वास करने का लक्ष्य।


III

परमेश्वर पर विश्वास का

मतलब है परमेश्वर द्वारा पूर्ण किए जाने की तलाश करना,

परमेश्वर की आज्ञा पूरी तरह मानना।

बिना किसी शिकायत अगर तुम मानते हो परमेश्वर की आज्ञा,

कर सकते हो विचार परमेश्वर की अभिलाषाओं पर,

कर सकते हो प्राप्त पतरस की कद-काठी और शैली,

तब होगे तुम सफल अपने विश्वास में,

प्राप्त किए जाओगे तुम परमेश्वर द्वारा।

अगर तुम सिर्फ़ करते हो कोशिश चमत्कार और संकेत देखने की,

तो परमेश्वर पर तुम्हारे विश्वास का दृष्टिकोण है गलत।

परमेश्वर में विश्वास का मतलब है

उसके वचनों को जीवन की वास्तविकता के रूप में स्वीकार करना।

उसके वचनों का, उसके मुंह से निकले वचनों का करो अभ्यास।

अपने भीतर करो उसके वचनों का पालन।

यही है परमेश्वर का लक्ष्य प्राप्त करना, करना।


"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 501 शरीर त्यागने का अभ्यास

अगला: 469 परमेश्वर के वचनों की महत्ता

दुनिया आपदा से घिर गई है। यह हमें क्या चेतावनी देती है? आपदाओं के बीच हम परमेश्वर द्वारा कैसे सुरक्षित किये जा सकते हैं? इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारे साथ हमारी ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ें।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-सूची

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें