35 परमेश्वर का खुला प्रशासन अखिल ब्रह्माण्ड में

1

परमेश्वर के सिंहासन के सामने, लौट आएँगे जब देश सारे,

परमेश्वर तब इंसानी जगत को देगा, स्वर्ग के उपहार सारे।

बेजोड़ उपहारों से ये भर जाएगा लबालब उसके कारण।

मगर जब तक पुराने जगत का वजूद रहेगा,

परमेश्वर अपना रोष देशों पर पूरे वेग से उतारेगा,

और कायनात को अपने आदेश ज़ाहिर करेगा,

देगा ताड़ना उसे जो आदेशों की अवहेलना करेगा।

सूरज, चाँद, सितारे हैं जितने आसमाँ में,

परमेश्वर बना देगा नया उन्हें, नया उन्हें।

न आसमाँ रहेगा वैसा जैसा पहले था कभी,

धरती पर हर चीज़ नई हो जाएगी।

हर चीज़ परमेश्वर के वचन से पूरी हो जाएगी।

हर चीज़ परमेश्वर के वचन से नई हो जाएगी।

2

परमेश्वर कायनात की ओर जैसे ही मुँह घुमाता है बोलने के लिये,

सुनते हैं उसकी वाणी सब, पूरी कायनात में उसके कार्य को देखते हैं सब।

जो हैं ख़िलाफ़ परमेश्वर की इच्छा के,

विरोध करते हैं उसका अपने कामों से,

हो जाएगा पतन सबका अधीन उसकी ताड़ना के।

कायनात के भीतर देशों का फिर से विभाजन होगा,

उनकी जगह परमेश्वर का देश होगा।

लौकिक देश सब ख़त्म हो चुके होंगे।

बन जाएंगे सब ऐसा राज्य जो परमेश्वर की आराधना करेगा।

धरती के देश सारे मिट जाएंगे, नहीं फिर उनका कोई वजूद होगा।

कायनात में जो इंसान संबंधित होंगे शैतान से, उनका विनाश होगा।

शैतान की आराधना जो करेंगे, परमेश्वर की अग्निशिखा में वे भस्म होंगे।

इस प्रवाह में अब जो नहीं हैं, राख हो जाएँगे वे सभी।

सूरज, चाँद, सितारे हैं जितने आसमाँ में,

परमेश्वर बना देगा नया उन्हें, नया उन्हें।

न आसमाँ रहेगा वैसा जैसा पहले था कभी,

धरती पर हर चीज़ नई हो जाएगी।

हर चीज़ परमेश्वर के वचन से पूरी हो जाएगी।

हर चीज़ परमेश्वर के वचन से नई हो जाएगी।

3

जब परमेश्वर देगा ताड़ना तमाम लोगों को कमोबेश,

धार्मिक जगत, लौट आएगा परमेश्वर के राज्य की ओर।

जीत लिये जाएंगे वे परमेश्वर के कामों से,

क्योंकि देख लिया है उन्होंने उस पवित्र को सफ़ेद बादल पर।

पूरी इंसानियत अनुगमन करेगी अपनी किस्म का,

और अपने कर्मों के हिसाब से उन्हें ताड़ना मिलेगी।

परमेश्वर के विरोधी हो जाएंगे नष्ट सारे।

जिनके कामों का कुछ लेना-देना नहीं परमेश्वर से,

अपने आचरण की बदौलत वे जीते रहेंगे।

उन पर परमेश्वर के लोगों का और उसके पुत्रों का शासन होगा।

परमेश्वर सभी देशों पर, सभी लोगों पर, करेगा ख़ुद को प्रकट।

उसकी वाणी धरती पर ख़ुद उसकी अभिव्यक्ति होगी।

अपने महान कार्य की पूर्णता का, परमेश्वर करेगा ऐलान

ताकि देख सके ख़ुद अपनी आँखों से इन सारी चीज़ों को इंसान।

सूरज, चाँद, सितारे हैं जितने आसमाँ में,

परमेश्वर बना देगा नया उन्हें, नया उन्हें।

न आसमाँ रहेगा वैसा जैसा पहले था कभी,

धरती पर हर चीज़ नई हो जाएगी।

हर चीज़ परमेश्वर के वचन से पूरी हो जाएगी।

हर चीज़ परमेश्वर के वचन से नई हो जाएगी।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन' के 'अध्याय 26' से रूपांतरित

पिछला: 34 पूरी कायनात में पहुँचे परमेश्वर का धार्मिक न्याय

अगला: 36 पूरी कायनात में गढ़ा है परमेश्वर ने नया कार्य

सभी विश्वासी यीशु मसीह की वापसी के लिए तरस रहे हैं। क्या आप उनमें से एक हैं? हमारी ऑनलाइन सहभागिता में शामिल हों और आपको परमेश्वर से फिर से मिलने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें