241 परमेश्वर का प्रेम रहता है मेरे दिल में सदा

1

परमेश्वर का अनुसरण करने के अपने सफर में,

लिया है आनंद सदा परमेश्वर के प्यार का मैंने।

उनके वचन, अपेक्षाएं उनकी, सब सुरक्षा है, प्यार है उनका।

कमज़ोरी और आँसुओं के बुरे दौर में,

सत्य खोजने की प्रेरणा देते हैं वचन परमेश्वर के।

हर समय मायूस रहता आया हूँ मैं,

उनके वचन उन्हें सदा प्यार करने की प्रेरणा देते हैं मुझे।

प्यार तुम्हारा निस्वार्थ और अनमोल है परमेश्वर।

गहराई से महसूस करता हूँ अब मैं प्यार तुम्हारा।

कितने प्यारे हो तुम परमेश्वर। याद आता है प्यार तुम्हारा।

याद आता है प्यार तुम्हारा परमेश्वर,

याद आता है प्यार तुम्हारा परमेश्वर।

2

साफ और सच्चा है इंसान के लिये प्यार परमेश्वर का।

उनके न्याय और परीक्षण का, लक्ष्य है शुद्ध और पूर्ण करना मुझे।

उनका शोधन करता है बढ़ने में मदद मेरी।

सहीं हैं मुश्किलें बहुत परमेश्वर ने मेरी रहनुमाई में,

रहे हैं वो सदा साथ मेरे।

वो वक्त भी सहा उन्होंने, जब की शिकायतें मैंने,

वो वक्त भी सहा उन्होंने,

जब की शिकायतें मैंने और गलत समझा मैंने उन्हें।

प्यार तुम्हारा निस्वार्थ और अनमोल है परमेश्वर।

गहराई से महसूस करता हूँ अब मैं प्यार तुम्हारा।

कितने प्यारे हो तुम परमेश्वर। याद आता है प्यार तुम्हारा।

याद आता है प्यार तुम्हारा परमेश्वर,

याद आता है प्यार तुम्हारा परमेश्वर।

3

परमेश्वर के निस्वार्थ प्यार ने, किया है मेरा उद्धार।

परमेश्वर से जो सत्य मिला मुझको, उससे सच्चा जीवन पाया मैंने।

हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर! प्रेम तुम्हारा रहता है दिल में मेरे।

हे सर्वशक्तिमान परमेश्वर! मैं प्रेम करूँगा सदा तुम्हें।

चाहे कितना दूषित होऊँ या कितना ज़िद्दी हो जाऊँ,

परमेश्वर होते हैं बेहद संयमी सदा, पोसते हैं, सींचते हैं वे मुझको सदा।

पीड़ा में, बाधाओं में और नाकामियों में,

परमेश्वर के वचनों ने जोश दिलाया है मुझको सदा।

सबसे सुंदर, सबसे सच्चा है प्रेम उनका।

इस तरह मैं बोल सकता हूँ सदा।

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