120 परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच रहेगा

I

दूर से, करीब से, परमेश्वर के सामने उठाए गए हम,

परमेश्वर के समक्ष मिलते हैं,

उसके प्रेम का आनंद लेते हैं।

परमेश्वर ने युगयुगांतर से हमें राह दिखाई है,

यहाँ तक पहुँचने के लिए हमने मुश्किलें,

तकलीफ़ें उठाई हैं।

स्वर्ग और धरती दोनों परमेश्वर के आगमन का स्वागत करते हैं।

हर चीज़ हर्षित है, सब उसकी स्तुति करते हैं।

हम आज को संजोते हैं, परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।

एक-दूजे से प्रेम करके, हम सदा परस्पर जुड़े रहते हैं।

हम आज को संजोते हैं, परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।

एक-दूजे से प्रेम करके, हम सदा परस्पर जुड़े रहते हैं।

परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।


II

हमें राज्य के युग में ले जाया जाता है।

परमेश्वर के वचन सबके लिए हमारे प्रेम को प्रेरित करते हैं।

परमेश्वर का प्रेम अब हमें आपस में जोड़ता है;

उसके वचनों में जी कर हमारी आत्माएँ जुड़ती हैं।

बहुत सारे शब्दों से बेहतर है किसी शब्द का न होना;

मौन प्रेम हमारे दिलों को करीब लाता है।

हम आज को संजोते हैं, परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।

एक-दूजे से प्रेम करके, हम सदा परस्पर जुड़े रहते हैं।

हम आज को संजोते हैं, परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।

एक-दूजे से प्रेम करके, हम सदा परस्पर जुड़े रहते हैं।

परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।


III

हम परमेश्वर के आदेश को पूरा करने के लिए

अपने साझा लक्ष्य की ख़ातिर जी-जान लगाते हैं।

प्रेम में, हम घनिष्टता से जुड़े हैं, हम साथ-साथ हैं।

परमेश्वर के वचनों में हम निडरता से आगे बढ़ते हैं।

हमने धारणाओं को, पूर्वाग्रह वाली रस्मों को त्याग दिया है।

पूरा अतीत हमारे लिए अजनबी है।

हम आज को संजोते हैं, परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।

एक-दूजे से प्रेम करके, हम सदा परस्पर जुड़े रहते हैं।

हम आज को संजोते हैं, परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।

एक-दूजे से प्रेम करके, हम सदा परस्पर जुड़े रहते हैं।

परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।


IV

हम सब भाई-बहन हैं,

युगयुगांतर से अग्रदूत हैं।

आज के पुनर्मिलन को मेहनत से जीता गया है।

कल मिलने के लिए हमें बिछड़ना होगा।

बहते आँसुओं में गरमाहट है, हमारी मित्रता व्यापक है।

जुनून उठते हैं, हमारी भक्ति को वाणी मिल जाती है।

इसको वाणी मिल जाती है।

हम आज को संजोते हैं, परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।

एक-दूजे से प्रेम करके, हम सदा परस्पर जुड़े रहते हैं।

हम आज को संजोते हैं, परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।

एक-दूजे से प्रेम करके, हम सदा परस्पर जुड़े रहते हैं।

परमेश्वर का प्रेम सदा हमारे बीच है।

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