84 अंत के दिनों में परमेश्वर अपने वचनों से इंसान का न्याय करता है, उसे पूर्ण करता है

I

अंत के दिनों में देहधारण किया परमेश्वर ने ख़ास तौर से बोलने के लिये,

क्या है इंसानी ज़िंदगी की ज़रूरत,

कहाँ प्रवेश करना चाहिये उसे, ये दिखाने के लिये,

परमेश्वर के कर्म और सर्वशक्तिमत्ता दिखाने के लिये,

परमेश्वर की चमत्कारिता और बुद्धि दिखाने के लिये।

जिन बहुत से तरीकों से परमेश्वर बोलता है,

इंसान परमेश्वर की सर्वोच्चता, विशालता को देखता है,

इंसान परमेश्वर की दीनता, छिपाव को देखता,

कि सबसे बड़ा परमेश्वर, सबसे छोटा बन सकता है।

इंसान को पूर्ण करने के लिये अंत के दिनों में परमेश्वर,

संकेतों, चमत्कारों का नहीं, वचनों का प्रयोग करता है।

वचन उजागर करते हैं, न्याय करते हैं, ताड़ना देते हैं,

और हर तरह से इंसान को पूर्ण करते हैं।

परमेश्वर के वचनों में देखता है इंसान,

सुंदरता और बुद्धि परमेश्वर की,

समझता है इंसान स्वभाव परमेश्वर का।

परमेश्वर के वचनों के ज़रिये इंसान, उसके कर्मों को देखता है।


II

अलग-अलग नज़रियों से बोले जाते हैं परमेश्वर के वचन,

जैसे आत्मा, इंसान और अन्य पुरुष।

परमेश्वर के वचनों के ज़रिये देखता है इंसान,

अलग-अलग तरीकों से काम करता है परमेश्वर।

इंसान की ज़िंदगी के लिये वचन मुहैया कराना है इस युग का मुख्य काम।

काम है इसका उजागर करना इंसान की प्रकृति को, भ्रष्टता को,

मिटाना इंसान के ज्ञान को, संस्कृति को,

पुरानी सामंती सोच को, धार्मिक धारणाओं को।

ये सब उजागर और साफ़ होने चाहिये परमेश्वर के वचनों के ज़रिये।

इंसान को पूर्ण करने के लिये अंत के दिनों में परमेश्वर,

संकेतों, चमत्कारों का नहीं, वचनों का प्रयोग करता है।

वचन उजागर करते हैं, न्याय करते हैं, ताड़ना देते हैं,

और हर तरह से इंसान को पूर्ण करते हैं।

परमेश्वर के वचनों में देखता है इंसान,

सुंदरता और बुद्धि परमेश्वर की,

समझता है इंसान स्वभाव परमेश्वर का।

परमेश्वर के वचनों के ज़रिये इंसान, उसके कर्मों को देखता है।


III

मूल इरादा है अंत के दिनों में परमेश्वर का

अपने काम के एक चरण को पूरा करना,

वचन देह में प्रकट होता है जिसमें।

और एक भाग है ये परमेश्वर के प्रबंधन का।

अंत के दिनों में परमेश्वर अपने वचनों से इंसान का न्याय करता है,

उसे पूर्ण करता है।

अंत के दिनों में परमेश्वर अपने वचनों से इंसान का न्याय करता है,

उसे पूर्ण करता है।


"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 144 परमेश्वर के नाम का अर्थ

अगला: 112 परमेश्वर आरम्भ है और अंत भी

दुनिया आपदा से घिर गई है। यह हमें क्या चेतावनी देती है? आपदाओं के बीच हम परमेश्वर द्वारा कैसे सुरक्षित किये जा सकते हैं? इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारे साथ हमारी ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ें।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें