1011 इंसान का अंत तय करता है परमेश्वर, उनके सार के अनुसार

I

अगर कोई अंत तक जीवित रह पाता है,

ऐसा इसलिए है क्योंकि उसने परमेश्वर की अपेक्षाएं पूरी की हैं।

लेकिन अगर कोई अंतिम विश्राम में जीवित नहीं रहता,

ऐसा इसलिए है क्योंकि वह परमेश्वर के प्रति है अवज्ञाकारी,

प्रसन्न नहीं कर पाता परमेश्वर को।

न किसी बच्चे का दुष्ट आचरण, न ही उसकी धार्मिकता

उसके मां-बाप को सौंपी जा सकती है।

न ही मां-बाप का दुष्ट आचरण या धार्मिकता

उनके किसी बच्चे के साथ साझा की जा सकती है।

एक मंज़िल होती है हर इंसान के लायक।

उनके सार पर निर्भर यह करता है।

किसी इंसान की मंज़िल किसी दूसरे से संबंधित होती नहीं।


II

हर किसी के हैं अपने गुनाह या आशीष।

कोई भी दूसरे का स्थान ले सकता है नहीं।

दूसरे के पाप को ले सकता नहीं कोई,

दूसरे के बदले सज़ा भुगत सकता नहीं कोई। यह परम सत्य है।

धार्मिकता करने वाले हैं धार्मिक।

बुरा करने वाले हैं बुरे।

धार्मिकता करने वाले रहेंगे जीवित,

बुरा करने वाले हो जाएंगे नष्ट।

जो पवित्र हैं, उनमें अशुद्धि का कोई दाग़ नहीं।

जो अशुद्ध हैं उनमें पवित्रता का एक अंश नहीं।

एक मंज़िल होती है हर इंसान के लायक।

उनके सार पर निर्भर यह करता है।

किसी इंसान की मंज़िल किसी दूसरे से संबंधित होती नहीं।


III

सभी दुष्ट लोग होंगे नष्ट,

धार्मिक लोग बचेंगे जीवित,

भले ही बुरा करने वालों की संतानें करें धार्मिक कर्म,

भले ही धार्मिक व्यक्ति के मां-बाप करें बुरे कर्म।

कोई रिश्ता नहीं इस बात का

कि विश्वास करे पति और पत्नी करे न विश्वास,

या बच्चे करें विश्वास और मां-बाप करें न विश्वास।

ये दोनों प्रकार एक दूसरे से संगत नहीं।

एक मंज़िल होती है हर इंसान के लायक।

उनके सार पर निर्भर यह करता है।

किसी इंसान की मंज़िल किसी दूसरे से संबंधित होती नहीं।


IV

विश्राम में प्रवेश से पहले,

शारीरिक संबंधी होते हैं उनके चारों ओर।

लेकिन विश्राम में प्रवेश करने के बाद,

नहीं होंगे ऐसे कोई भी शारीरिक संबंधी।

कर्तव्य पूरा करने वालों के लिए न करने वाले हैं दुश्मन।

परमेश्वर से प्रेम करने वालों के लिए परमेश्वर से नफ़रत करने वाले हैं दुश्मन।

जो विश्राम में प्रवेश करते हैं

वे असंगत हैं उनसे जो होते हैं नष्ट।

एक मंज़िल होती है हर इंसान के लायक।

उनके सार पर निर्भर यह करता है।

किसी इंसान की मंज़िल किसी दूसरे से संबंधित होती नहीं।


"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 1010 सभी लोगों के परिणाम के लिये परमेश्वर की व्यवस्था

अगला: 906 मापा नहीं जा सकता परमेश्वर के अधिकार को

दुनिया आपदा से घिर गई है। यह हमें क्या चेतावनी देती है? आपदाओं के बीच हम परमेश्वर द्वारा कैसे सुरक्षित किये जा सकते हैं? इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारे साथ हमारी ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ें।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें