38 परमेश्वर के महिमा पा लेने पर उसका गुणगान करो

आसमाँ में बादल मुस्कुरायें

धरती पर फूल खिल-खिल जायें।

आसमाँ में बादल मुस्कुरायें

धरती पर फूल खिल-खिल जायें।

1

हे नेक, महिमावान सर्वशक्तिमान परमेश्वर,

तुम आये हो दुनिया में देह बनकर।

इंसान के न्याय, निर्मलता के लिये,

तुम सत्य व्यक्त करते हो,

हैं तलवार की तरह सर्वशक्तिमान वचन तुम्हारे।

शुद्ध होते हम वचनों से तुम्हारे,

पा लिया है सत्य और जीवन हमने।

हे नेक, महिमावान सर्वशक्तिमान परमेश्वर,

तुम्हारा अनुग्रह है आज हम पर!

देख चुके हैं धार्मिकता तुम्हारी हम,

पा लिया है तुमने हमें, धन्य हैं हम।

व्यक्त कर सकते नहीं

शब्दों में आभार अपना हम।

गुणगान करते तुम्हारा नाच-गाकर हम,

आदर करते तुम्हारा अपने समर्पण से हम।

देते ज़ोरदार गवाही तुम्हारी

अपनी पूरी निष्ठा से हम।

हराते शैतान को तुम, करते स्तुति तुम्हारी हम।

पाई महिमा तुमने, करते स्तुति तुम्हारी हम।

2

हे नेक, महिमावान सर्वशक्तिमान परमेश्वर,

हर देश, हर इंसान के सम्मुख, प्रकट होते तुम,

है प्रकाशित पूरी तरह धार्मिकता तुम्हारी,

करते जो दुष्टता और विरोध तुम्हारा,

पायेंगे सज़ा सारे, होगा उनका पतन।

तुम्हारे वचनों से होंगी सभी की किस्में अलग।

हे नेक, महिमावान सर्वशक्तिमान परमेश्वर,

छ: हज़ार साल की योजना का होता अंत अब।

सारी महिमा पा ली है तुमने अब,

नहीं धार्मिक जो, होता है भस्म वो।

बना दिया है जगत को नया तुमने,

भरी है कायनात तुम्हारे कर्मों से।

भर जाती धरती सारी पवित्रता और धार्मिकता से।

गुणगान करते तुम्हारा नाच-गाकर हम,

आदर करते तुम्हारा अपने समर्पण से हम।

देते ज़ोरदार गवाही तुम्हारी

अपनी पूरी निष्ठा से हम।

हराते शैतान को तुम, करते स्तुति तुम्हारी हम।

पाई महिमा तुमने, करते स्तुति तुम्हारी हम।

इंसान है आज वैसा, सृजन के समय था जैसा,

रहता रोशनी में इंसान जहाँ न ग़म हैं न आहें हैं।

आनंद मनाते, गाते, गुणगान करते हम,

पूरा हुआ काम तुम्हारा!

गुणगान करते तुम्हारा नाच-गाकर हम,

आदर करते तुम्हारा अपने समर्पण से हम।

देते ज़ोरदार गवाही तुम्हारी

अपनी पूरी निष्ठा से हम।

हराते शैतान को तुम, करते स्तुति तुम्हारी हम।

पाई महिमा तुमने, करते स्तुति तुम्हारी हम।

हराते शैतान को तुम, करते स्तुति तुम्हारी हम।

पाई महिमा तुमने, करते स्तुति तुम्हारी हम।

पिछला: 37 हो चुका है पूरा महान कार्य परमेश्वर का

अगला: 39 पूरी कायनात भरी है परमेश्वर की स्तुति से

सभी विश्वासी यीशु मसीह की वापसी के लिए तरस रहे हैं। क्या आप उनमें से एक हैं? हमारी ऑनलाइन सहभागिता में शामिल हों और आपको परमेश्वर से फिर से मिलने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें