199 अंत के दिनों के देहधारण से देहधारण का अर्थ पूरा हुआ

1

यीशु ने जिस चरण का काम किया

उसने बस "वचन ईश्वर के साथ था" के सार को पूरा किया।

यानी ईश्वर का सत्य, ईश्वर के साथ था,

उसका आत्मा देह के साथ था, उससे अभिन्न था।

ईश्वर का देह उसके आत्मा के संग था,

जो और भी ये साबित करे कि यीशु ही पहला देहधारी ईश्वर था।

अंत के दिनों का काम "वचन देह बनता है" के भीतरी मायने को पूरा करता है।

यह "वचन ईश्वर के साथ था" और "वचन ही ईश्वर था" को और गहरा अर्थ देता है।

इससे तुम "आरंभ में वचन था" पर मजबूती से विश्वास कर सको।

यह है दूसरे देहधारण का काम,

यह अंतिम बार है जब ईश्वर देह बने,

यह देहधारण के मायने को पूरा करे।

यह देह में ईश्वर का काम पूरा करे, व्यक्त करे,

ईश्वर के देह में होने के युग का समापन करे।

2

संसार की सृष्टि के समय, ईश्वर के पास थे वचन।

हाँ, उसके वचन साथ थे। वह उनसे अभिन्न था।

अंतिम युग उनके सामर्थ्य और अधिकार को और भी स्पष्ट करे।

यह इंसान को ईश्वर के सभी तरीके देखने दे, सारे वचन सुनने दे।

यह है अंतिम युग का काम।

तुम्हें इन चीज़ों को पूरी तरह से समझना होगा।

यह देह को जानने की बात नहीं, बात है ये जानने की, कैसे समझते,

कैसे समझते तुम देह को, वचन को।

ये है वो जिसकी तुम्हें गवाही देनी चाहिए,

और जिसे सबको जानना चाहिए।

यह है दूसरे देहधारण का काम,

यह अंतिम बार है जब ईश्वर देह बने,

यह देहधारण के मायने को पूरा करे।

यह देह में ईश्वर का काम पूरा करे, व्यक्त करे,

ईश्वर के देह में होने के युग का समापन करे।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'अभ्यास (4)' से रूपांतरित

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