194 क्या ईश्वर का देहधारण कोई साधारण बात है?

इंसान के लिए ईश्वर आत्मा था,

वो जिसे न देख, न छू सकता था।

ईश्वर पृथ्वी पर अपने कार्य के तीन चरणों,

अर्थात् सृजन, छुटकारे और विनाश के कारण,

इंसानों के बीच अलग-अलग समय पर आता है।

ईश्वर पहली बार छुटकारे के युग में आया;

वो बेशक यहूदी परिवार में आया।

ईश्वर ने छुटकारे के काम में पाप-बलि के तौर पर

अपने देहधारण के इस्तेमाल के लिये ख़ुद काम किया।

तो पहले यहूदियों ने देखा ईश्वर को अनुग्रह के युग में।

तब ईश्वर ने देह में काम किया पहली बार।

तो पहले यहूदियों ने देखा ईश्वर को अनुग्रह के युग में।

तब ईश्वर ने देह में काम किया पहली बार।


राज्य-युग में जीतना,

पूर्ण बनाना ईश्वर का काम।

एक बार फिर वो चरवाही करता देह में।

अदृश्य आत्मा नहीं वो,

काम के आख़िरी दो चरणों में,

बल्कि वो रूप देहधारी आत्मा का है।

इस तरह इंसान की नज़र में फिर इंसान बनता ईश्वर

ईश्वर का कोई रूप, हाव-भाव नहीं उसमें।

इंसान ने ईश्वर के स्त्री-पुरुष दोनों रूप देखे हैं,

जो इंसान को बेहद चौंकाने,

उलझाने वाले हैं।

ईश्वर का अद्भुत कार्य बार-बार

चिर-आस्थाओं को खंडित कर,

इंसान को चकित करे।

ईश्वर का अद्भुत कार्य बार-बार

चिर-आस्थाओं को खंडित करे।

ईश्वर महज़ पवित्र आत्मा,

सात गुना या सर्व-समावेशी आत्मा नहीं,

वो एक आम इंसान भी है।

वो स्त्री-पुरुष भी है,

दोनों देहधारण इंसान से जन्म लेते हैं,

फिर भी वे एक नहीं हैं।

एक का जन्म पवित्र आत्मा से हुआ,

दूजे का इंसान से, हालाँकि आया वो आत्मा से।

दोनों देहधारी परमपिता ईश्वर का कार्य करते,

मगर एक ने छुटकारे का कार्य किया,

दूजा विजय-कार्य करे।

दोनों परमपिता ईश्वर का निरूपण करें,

पर एक प्रेम और करुणा सहित छुटकारा दिलाता है,

दूजा रोष और न्याय सहित धार्मिक है।

एक छुटकारे के कार्य का सेनापति है;

दूजा जीतने वाला धार्मिक ईश्वर है।

दोनों देहधारी परमपिता ईश्वर का कार्य करते,

दोनों परमपिता परमेश्वर का कार्य करते।


'वचन देह में प्रकट होता है' से रूपांतरित

पिछला: 193 परमेश्वर सभी को अपना धार्मिक स्वभाव दिखाता है

अगला: 195 क्या परमेश्वर उतना सरल है जितना कि तुम कहते हो?

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें