85 हर वक्त तुम्हारे साथ

1

दुनिया में बस बह रहा था और भटक रहा था मैं,

अपने दिल में खोया हुआ महसूस कर रहा था मैं।

तुम्हारे स्नेह भरे वचनो ने जगाया मुझे,

और मैंने देखी सच्ची रोशनी।

तुम्हारे वचन मेरे दिल को रोशन करते हैं,

वे हैं सभी सत्य और बहुत वास्तविक।

अपने कार्यों पर जब विचार किया मैंने,

तो प्रकट हुआ मेरा दूषित स्वभाव।

ग्लानि से भरा हुआ मैं गिर गया नीचे,

पश्चाताप करने और ख़ुद को नया बनाने के लिए तैयार।

तुम्हारा न्याय प्रकट करता है कि मेरा दूषण है बहुत गहरा,

तुमने दिखाई है राह हर कदम पर मुझे।

जब मैं दूर होता हूं, तुम पुकारते हो मुझे,

और प्रलोभन से दूर करते हो मुझे।

जब मैं विरोध करता हूं, तुम ख़ुद को छिपा लेते हो,

और मैं डूब जाता हूं दुख और दर्द में।

जब मेरा दिल मुड़ता है वापस तुम्हारी तरफ़,

तुम मुस्कुराते हो और मुझे अपने सीने से लगाते हो।

जब शैतान मुझे धोखा देता है और नुकसान पहुंचाता है,

तुम फ़ौरन बचाते हो मुझे और मेरे ज़ख़्मों को स्वस्थ करते हो।

जब मैं पड़ता हूं शैतान की कैद में,

तुम रहते हो मेरे साथ और मैं अकेला नहीं महसूस करता हूं।

तब मैं जानता हूं कि भोर आएगी,

आकाश होगा पहले की तरह नीला!


2

तुम्हारे वचन और कार्य दिखाते हैं मुझे रास्ता,

तुम्हारा प्रेम मुझे खींचता है तुम्हारे पीछे चलने को।

मैं आनंद लेता हूं तुम्हारे वचनों का हर रोज़, तुम हो मेरे निरंतर साथी।

जब मैं होता हूं नकारात्मक और कमज़ोर,

तुम्हारे वचन होते हैं मेरा सहारा और ताक़त।

जब मैं नाकामयाबी और विफलता का करता हूं सामना,

तुम्हारे वचन होते हैं वे हाथ जो पकड़ कर खड़ा करते हैं मुझे।

जब शैतान कब्ज़ा करता है मुझ पर,

तुम्हारे वचन देते हैं मुझे साहस और बुद्धि।

जब मैं गुज़रता हूं परीक्षणों और शुद्धिकरण से,

तुम्हारे वचन गवाही देने के लिए दिखाते हैं मुझे रास्ता।

तुम्हारे वचन साथ देते हैं मेरा और दिखाते हैं मुझे रास्ता, मेरा दिल है स्नेह और चैन से भरा।

तुम्हारा प्रेम है बहुत वास्तविक,

मेरा दिल भरा हुआ है आभार से।

मैं गाता हूं तुम्हारी स्तुति ज़ोर-से,

तुमने बचाया है मुझे शैतान के नुकसानों से।

मैं गाता हूं तुम्हारे लिए,

तुमने किया है स्वच्छ मुझे और बचाया है मुझे।

तुम्हारे न्याय के बिना, मैं होता नहीं यहां।

ओह, देहधारी व्यावहारिक परमेश्वर, तुमने बचाया है मानव जाति को।

सर्वशक्तिमान परमेश्वर, हम हमेशा प्यार करेंगे तुम्हें,

तुम हो बहुत लायक इंसान के प्रेम के!

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