459 पवित्र आत्‍मा के कार्य पर ध्‍यान दो

1 किस तरह के व्यक्ति को पवित्र आत्मा प्रबुद्ध करता है? उन्हें जो कुशाग्र और सूक्ष्म बुद्धि के होते हैं। जब उन्हें एक भावना दी जाती है या एक प्रबोधन दिया जाता है, तो वे समझ सकते हैं कि यह पवित्र आत्मा का कार्य है और इसे परमेश्वर कर रहा है। कभी-कभी वे तुरंत ही यह बता सकते हैं कि पवित्र आत्मा द्वारा उन्हें धिक्कारा जा रहा है और इसलिए वे खुद को संयत कर लेते हैं। ये वो लोग हैं जिन्हें पवित्र आत्मा प्रबुद्ध करता है। यदि कोई लापरवाह है और आध्यात्मिक चीज़ों को नहीं समझता है, तो उन्हें यह अहसास नहीं होगा कि कब उन्हें एक भावना दी जा रही है। वे पवित्र आत्मा के कार्य के प्रति बेख़बर होते हैं और इसलिए पवित्र आत्मा उन्हें प्रबुद्ध करने की दोबारा कोशिश नहीं करेगा। यदि वे तीन या चार प्रयासों के बाद भी अग्रहणशील बने रहते हैं, तो अब पवित्र आत्मा उन पर कार्य नहीं करेगा।

2 तुम्हें परमेश्वर में अपनी आस्था को लेकर सूक्ष्म बुद्धि का होना चाहिए, तुम्हें परमेश्वर के वचनों को गंभीरता से लेना चाहिए और स्वयं को जानने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। परमेश्वर की इच्छा को तुम्हें सत्य को समझने, जानने और अनुभव करने के माध्यम से समझना होगा; केवल तभी तुम पवित्र आत्मा के कार्य को हासिल करोगे। पवित्र आत्मा का कार्य असाधारण रूप से व्यावहारिक होता है। कुछ लोगों में सत्य को समझने की क्षमता तो होती है, फिर भी उन्हें पवित्र आत्मा के कार्य का कोई व्यक्तिगत अनुभव नहीं होता। आगे बढ़ते हुए, तुम लोगों को सूक्ष्मतम भावनाओं और सूक्ष्मतम प्रकाश पर ध्यान देना होगा। हर बार जब तुम्हारे साथ कुछ होता है, तो तुम्हें सत्य के दृष्टिकोण से इसका निरीक्षण करना और पेश आना चाहिए और ऐसा करके तुम धीरे-धीरे सही राह पर कदम रखोगे।

— "अंत के दिनों के मसीह की बातचीत के अभिलेख" में 'तुम्हें हर चीज़ सत्य के दृष्टिकोण से ध्यानपूर्वक देखनी ही चाहिए' से रूपांतरित

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