2. आप गवाही देते हैं कि, अंतिम दिनों के दौरान, सर्वशक्तिमान परमेश्वर सत्य को व्यक्त करता है और मनुष्य का न्याय और शुद्धिकरण करने का कार्य करता है। बिल्कुल अंत में, वह विजेताओं का एक समूह प्राप्त करेगा, और उसके बाद इस पुराने, दुष्ट युग को ध्वंस कर देगा, जिससे मनुष्य एक नए युग में अग्रसर होगा। क्या आप इस बारे में अधिक विस्तार से सहभागिता कर सकते हैं कि अंतिम दिनों के दौरान परमेश्वर इस पुराने, दुष्ट युग को कैसे नष्ट करता है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:

जब सभी लोगों को पूर्ण बना लिया गया होगा और पृथ्वी के सभी राष्ट्र मसीह का राज्य बन गए होंगे, तब वह समय होगा जब गर्जन के सात शब्द सुनाई देते हैं। वर्तमान दिन उस चरण की दिशा में आगे एक लंबा कदम है, आने वाले समय पर आवेश उन्मुक्त कर दिया गया है। यह परमेश्वर की योजना है—निकट भविष्य में इसका एहसास हो जाएगा। हालाँकि, परमेश्वर ने जो कुछ भी कहा है, वह सब पहले ही पूरा कर दिया है। इस प्रकार, यह स्पष्ट है कि धरती के देश केवल रेत के किले हैं जो ज्वार आने पर काँप जाते हैं: अंत का दिन सन्निकट है और बड़ा लाल अजगर परमेश्वर के वचन के नीचे गिर जाएगा। यह सुनिश्चित करने के लिए कि परमेश्वर की योजना को सफलतापूर्वक पूरा किया जाता है, परमेश्वर को संतुष्ट करने के लिए अपना पूरा प्रयास करते हुए, स्वर्ग के स्वर्गदूत पृथ्वी पर उतर गए हैं। स्वयं देहधारी परमेश्वर दुश्मन से लड़ाई करने के लिए युद्ध के मैदान में तैनात हुआ है। जहाँ कहीं भी देहधारण प्रकट होता है, उस जगह से दुश्मन नष्ट हो जाता है। परमेश्वर के हाथ से सर्वनाश किए जाने वालों, बर्बाद किए जाने वालों में चीन सबसे पहला है। परमेश्वर चीन पर बिल्कुल भी दया नहीं दिखाता है। बड़े लाल अजगर के उत्तरोत्तर ढहने का सबूत लोगों की निरंतर परिपक्वता में देखा जा सकता है। इसे किसी के भी द्वारा स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। लोगों की परिपक्वता दुश्मन की मृत्यु का संकेत है यह इस बात का भी थोड़ा सा स्पष्टीकरण है जो "युद्ध करने" का अर्थ है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचनों के रहस्य की व्याख्या' के 'अध्याय 10' से उद्धृत

सब कुछ मेरे वचनों के द्वारा पूरा हो जाएगा; कोई मनुष्य भागी न हो, और कोई मनुष्य वह काम नहीं कर सकता है जिसे मैं करूँगा। मैं सारी भूमि की हवा को स्वच्छ करूँगा और पृथ्वी पर से दुष्टात्माओं का पूर्ण रूप से नाश कर दूँगा। मैं पहले से ही शुरू कर चुका हूँ, और अपनी ताड़ना कार्य के पहले कदम को उस बड़े लाल अजगर के निवास स्थान में आरम्भ करूँगा। इस प्रकार यह देखा जा सकता है कि मेरी ताड़ना पूरे ब्रह्माण्ड के ऊपर आ गई है, और बड़ा लाल अजगर और सभी प्रकार की अशुद्ध आत्माएँ मेरी ताड़ना से बच पाने में असमर्थ होंगी क्योंकि मैं समूची भूमि पर निगाह रखता हूँ। जब मेरा कार्य पृथ्वी पर पूरा हो जाएगा अर्थात्, जब न्याय का युग समाप्त होगा, तब मैं औपचारिक रूप से उस बड़े लाल अजगर को ताड़ना दूँगा। मेरे लोग उस बड़े लाल अजगर की धर्मी ताड़ना को अवश्य देखेंगे, मेरी धार्मिकता के कारण स्तुति बरसाएँगे, और मेरी धार्मिकता के कारण सदा सर्वदा मेरे पवित्र नाम की बड़ाई करते रहेंगे। अब से तुम लोग अपने कर्तव्यों को औपचारिक तौर पर निभा पाओगे, और सारी धरती पर औपचारिक तौर पर मेरी स्तुति करोगे, हमेशा-हमेशा के लिए!

जब न्याय का युग अपने शिखर पर पहुँचेगा, तो मैं अपने कार्य को समाप्त करने में जल्दबाजी नहीं करूँगा, बल्कि मैं उसमें ताड़ना के युग के प्रमाण को जोडूँगा और अपने सभी लोगों को इस प्रमाण को देखने दूँगा; और इस से अत्यधिक फल उत्पन्न होंगे। यह प्रमाण वह माध्यम है जिसके द्वारा मैं उस बड़े लाल अजगर को ताड़ना दूँगा, और मैं अपने लोगों को उनकी आँखों से यह सब देखने दूँगा ताकि वे मेरे स्वभाव को और भी अच्छी तरह से जान सकें। जब उस बड़े लाल अजगर को ताड़ना दी जाती है, तब उस समय मेरे लोग मुझ में आनंद करते हैं। उस बड़े लाल अजगर के लोगों को उसके ही विरूद्ध उभारना और विद्रोह करवाना मेरी योजना है, और वह तरीका है जिस से मैं अपने लोगों को पूर्ण करता हूँ, और मेरे सभी लोगों के लिए जीवन में आगे बढ़ने के लिए यह एक बड़ा अवसर है। जब उजला चाँद उगता है, शांत रात तत्काल ही बिखर जाती है। यद्यपि चन्द्रमा चिथड़ों में है, मनुष्य उमंग में है, और चाँद की रोशनी के नीचे उस सुंदर दृश्य की प्रशंसा करता हुआ शांति से उस चाँदनी में बैठता है, मनुष्य अपनी भावनाओं का बखान नहीं कर सकता है। यह ऐसा है मानो वह अपने विचारों को फिर से पीछे अतीत में फेंक देना चाहता है, मानो आगे भविष्य की ओर देखना चाहता है, मानो वह वर्तमान का आनंद उठा रहा है। एक मुस्कुराहट उसके चेहरे पर उभरती है, और उस आनंददायक हवा में एक अच्छी-सी खुशबू व्याप्त हो जाती है; जैसे ही मंद हवा का झोंका बहना शुरू होता है, मनुष्य को उस मनमोहक खुशबू का पता चल जाता है, और ऐसा लगता है कि वह उस से मदहोश हो गया है, और अपने को जगाने में असमर्थ है। यही वह समय है जब मैं मनुष्य के मध्य में व्यक्तिगत रूप से आया हूँ, और मनुष्य के पास तीव्र सुगन्ध का बढ़ा हुआ एहसास है, और इस प्रकार सभी मनुष्य इस महक के बीच जीवन बिताते हैं। मैं मनुष्य के साथ शान्ति से हूँ, वह मेरे साथ मेल से रहता है, मेरा सम्मान करने में वह विचलित नहीं होता, अब मैं मनुष्य की कमियों को काटता-छांटता नहीं हूँ, अब मनुष्य के चेहरे पर तनाव नहीं दिखता, और न ही अब मृत्यु सम्पूर्ण मानवजाति को धमकाती है। आज, मैं मनुष्य के साथ साथ-साथ चलते हुए ताड़ना के युग में आगे बढ़ता हूँ। मैं अपना कार्य कर रहा हूँ, यानी कि, मैं मनुष्यों के मध्य अपनी लाठी से प्रहार करता हूँ और मनुष्यों में जो कुछ विद्रोही है, यह उस पर गिरती है। ऐसा लगता है कि मनुष्य की नज़रों में मेरी लाठी में विशेष शक्तियाँ हैं : यह उन सभी पर आ पड़ती है जो मेरे शत्रु हैं और आसानी से उन्हें छोड़ती नहीं; उन सब पर जो मेरा विरोध करते हैं, यह लाठी अपना अंतर्निहित कार्य करती है; वे सभी जो मेरे हाथों में हैं वे मेरे इरादों के अनुसार अपने कर्तव्यों को निभाते हैं, और उन्होंने कभी मेरी इच्छाओं की अवहेलना नहीं की है या अपने मूल तत्व को नहीं बदला है। परिणाम स्वरूप, पानी गरजेंगे, पहाड़ गिर जायेंगे, बड़ी-बड़ी नदियाँ विभाजित हो जायेंगी, मनुष्य सदा सर्वदा बदलता रहेगा, सूर्य धुँधला हो जाएगा, चाँद अंधकारमय हो जाएगा, मनुष्य के पास शांति से जीने के लिए और अधिक दिन नहीं होंगे, भूमि पर शान्ति का और अधिक समय नहीं होगा, स्वर्ग फिर दोबारा कभी शांत और खामोश नहीं रहेगा, और अधिक सहन नहीं करेगा। सभी चीज़ें नई कर दी जाएँगी और अपने मूल रूप को फिर से पा लेंगी। पृथ्वी पर सारे घर-परिवार अलग-अलग बिखेर दिए जाएँगे, और पृथ्वी पर सारे राष्ट्र अलग-अलग कर दिए जाएँगे; पति और पत्नी के बीच पुनर्मिलन के वे दिन चले जाएँगे, माँ और बेटा दोबारा आपस में नहीं मिलेंगे, और न ही पिता और बेटी फिर कभी आपस में मिल पाएँगे। जो कुछ भी पृथ्वी पर पाया जाता है वह मेरे द्वारा नष्ट कर दिया जाएगा।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन' के 'अध्याय 28' से उद्धृत

युग का समापन करने के अपने अंतिम कार्य में, परमेश्वर का स्वभाव ताड़ना और न्याय का है, जिसमें वह वो सब प्रकट करता है जो अधार्मिक है, ताकि वह सार्वजनिक रूप से सभी लोगों का न्याय कर सके और उन लोगों को पूर्ण बना सके, जो सच्चे दिल से उसे प्यार करते हैं। केवल इस तरह का स्वभाव ही युग का समापन कर सकता है। अंत के दिन पहले ही आ चुके हैं। सृष्टि की सभी चीज़ें उनके प्रकार के अनुसार अलग की जाएँगी और उनकी प्रकृति के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में विभाजित की जाएँगी। यही वह क्षण है, जब परमेश्वर लोगों के परिणाम और उनकी मंज़िल प्रकट करता है। यदि लोग ताड़ना और न्याय से नहीं गुज़रते, तो उनकी अवज्ञा और अधार्मिकता को उजागर करने का कोई तरीका नहीं होगा। केवल ताड़ना और न्याय के माध्यम से ही सभी सृजित प्राणियों का परिणाम प्रकट किया जा सकता है। मनुष्य केवल तभी अपने वास्तविक रंग दिखाता है, जब उसे ताड़ना दी जाती है और उसका न्याय किया जाता है। बुरे को बुरे के साथ रखा जाएगा, भले को भले के साथ, और समस्त मनुष्यों को उनके प्रकार के अनुसार अलग किया जाएगा। ताड़ना और न्याय के माध्यम से सभी सृजित प्राणियों का परिणाम प्रकट किया जाएगा, ताकि बुरे को दंडित किया जा सके और अच्छे को पुरस्कृत किया जा सके, और सभी लोग परमेश्वर के प्रभुत्व के अधीन हो जाएँ। यह समस्त कार्य धार्मिक ताड़ना और न्याय के माध्यम से पूरा करना होगा। चूँकि मनुष्य की भ्रष्टता अपने चरम पर पहुँच गई है और उसकी अवज्ञा अत्यंत गंभीर हो गई है, इसलिए केवल परमेश्वर का धार्मिक स्वभाव ही, जो मुख्यत: ताड़ना और न्याय से संयुक्त है और अंत के दिनों में प्रकट होता है, मनुष्य को रूपांतरित कर सकता है और उसे पूर्ण बना सकता है। केवल यह स्वभाव ही बुराई को उजागर कर सकता है और इस तरह सभी अधार्मिकों को गंभीर रूप से दंडित कर सकता है। इसलिए, इसी तरह का स्वभाव युग के महत्व के साथ व्याप्त होता है, और प्रत्येक नए युग के कार्य की खातिर उसके स्वभाव का प्रकटन और प्रदर्शन अभिव्यक्त किया जाता है। ऐसा नहीं है कि परमेश्वर अपने स्वभाव को मनमाने और निरर्थक ढंग से प्रकट करता है। मान लो अगर, अंत के दिनों के दौरान मनुष्य का परिणाम प्रकट करने में परमेश्वर अभी भी मनुष्य पर असीम करुणा बरसाता रहता और उससे प्रेम करता रहता, उसे धार्मिक न्याय के अधीन करने के बजाय उसके प्रति सहिष्णुता, धैर्य और क्षमा दर्शाता रहता, और उसे माफ़ करता रहता, चाहे उसके पाप कितने भी गंभीर क्यों न हों, उसे रत्ती भर भी धार्मिक न्याय के अधीन न करता : तो फिर परमेश्वर के समस्त प्रबंधन का समापन कब होता? कब इस तरह का कोई स्वभाव सही मंज़िल की ओर मानवजाति की अगुआई करने में सक्षम होगा? उदाहरण के लिए, एक ऐसे न्यायाधीश को लो, जो हमेशा प्रेममय है, एक उदार चेहरे और सौम्य हृदय वाला न्यायाधीश। वह लोगों को उनके द्वारा किए गए अपराधों के बावजूद प्यार करता है, और वह उनके प्रति प्रेममय और सहिष्णु रहता है, चाहे वे कोई भी हों। ऐसी स्थिति में, वह कब न्यायोचित निर्णय पर पहुँचने में सक्षम होगा? अंत के दिनों के दौरान, केवल धार्मिक न्याय ही मनुष्यों को उनके प्रकार के अनुसार पृथक् कर सकता है और उन्हें एक नए राज्य में ला सकता है। इस तरह, परमेश्वर के न्याय और ताड़ना के धार्मिक स्वभाव के माध्यम से समस्त युग का अंत किया जाता है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'परमेश्वर के कार्य का दर्शन (3)' से उद्धृत

एक के बाद सभी आपदाएँ आ पड़ेंगी; सभी राष्ट्र और सभी स्थान आपदाओं का अनुभव करेंगे—हर जगह दैवी कोप, अकाल, बाढ़, सूखा और भूकंप होंगे। ये आपदाएँ सिर्फ एक या दो जगहों पर ही नहीं होंगी, न ही ये एक या दो दिनों में समाप्त हो जाएँगी, बल्कि इसके बजाय ये बड़े से बड़े क्षेत्र तक फैल जाएँगी, और आपदाएँ अधिकाधिक गंभीर हो जाएँगी। इस समय के दौरान सभी प्रकार की कीट महामारियाँ क्रमशः उत्पन्न होती जाएँगी, और सभी स्थानों पर नरभक्षण की घटनाएँ होगी। सभी राष्ट्रों और लोगों पर यह मेरा न्याय है।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'आरंभ में मसीह के कथन' के 'अध्याय 65' से उद्धृत

यह कहा जा सकता है कि आज के सभी कथन भावी मामलों की भविष्यवाणी करते हैं; ये कथन बताते हैं कि परमेश्वर अपने कार्य के अगले चरण के लिए किस प्रकार व्यवस्थाएँ कर रहा है। परमेश्वर ने कलीसिया के लोगों में अपना काम लगभग पूरा कर लिया है, और बाद में वह सभी लोगों के सामने क्रोध के साथ प्रकट होगा। जैसा कि परमेश्वर कहता है, "मैं धरती के लोगों से अपने कार्यों को स्वीकार करवाऊंगा, और 'न्यायपीठ' के सामने मेरे कर्म साबित होंगे, ताकि उन्हें पृथ्वी के लोगों के बीच स्वीकार किया जाए, जो स्वीकार करेंगे।" क्या तुम लोगों ने इन वचनों में कुछ देखा? इनमें परमेश्वर के कार्य के अगले हिस्से का सारांश है। पहले, परमेश्वर उन सभी संरक्षक कुत्तों को, जो राजनीतिक शक्ति को संचालित करते हैं, गंभीरता से विश्वास कराएगा और उन्हें बाध्य करेगा कि वे इतिहास के मंच से स्वयं पीछे हट जाएँ, और फिर कभी प्रतिष्ठा के लिए लड़ाई न करें, और फिर कभी कुचक्रों और षड्यंत्रों में संलग्न न हों। यह कार्य परमेश्वर द्वारा पृथ्वी पर विभिन्न आपदाएँ ढाकर किया जाना चाहिए। परंतु यह ऐसा मामला बिलकुल नहीं है कि परमेश्वर प्रकट होगा। क्योंकि, इस समय, बड़े लाल अजगर का राष्ट्र अभी भी मलिनता की भूमि होगा, और इसलिए परमेश्वर प्रकट नहीं होगा, परंतु केवल ताड़ना के रूप में उभरेगा। ऐसा है परमेश्वर का धर्मी स्वभाव, जिससे कोई बच नहीं सकता। इस दौरान, बड़े लाल अजगर के राष्ट्र में बसे सभी व्यक्ति विपत्तियों का सामना करेंगे, जिसमें स्वाभाविक रूप से पृथ्वी पर राज्य (कलीसिया) भी शामिल है। यह वही समय है, जब तथ्य सामने आएँगे, और इसलिए इसका अनुभव सभी लोगों द्वारा किया जाएगा, और कोई बच नहीं पाएगा। यह परमेश्वर द्वारा पूर्वनिर्धारित किया गया है। यह ठीक कार्य के इस चरण के कारण है, जिसके बारे में परमेश्वर कहता है, "यही समय है महान योजनाओं को पूरा करने का।" क्योंकि भविष्य में पृथ्वी पर कोई कलीसिया नहीं होगा, और तबाही के आगमन के कारण लोग केवल उसी के बारे में सोच पाएँगे, जो उनके सामने होगा, और बाकी हर चीज़ को वे नज़रअंदाज़ कर देंगे, और तबाही के बीच परमेश्वर का आनंद लेना उनके लिए मुश्किल होगा। इसलिए, लोगों से कहा जाता है कि इस अद्भुत समय के दौरान अपने पूरे दिल से परमेश्वर से प्रेम करें, ताकि वे इस अवसर को गँवा न बैठें। जब यह तथ्य गुज़र जाएगा, तो परमेश्वर ने बड़े लाल अजगर को पूरी तरह हरा दिया होगा, और इस प्रकार परमेश्वर के लोगों की गवाही का कार्य समाप्त हो गया होगा; इसके बाद परमेश्वर कार्य के अगले चरण की शुरुआत करेगा, वह बड़े लाल अजगर के देश को तबाह कर देगा, और अंततः ब्रह्मांड के सभी लोगों को सलीब पर उलटा लटका देगा, जिसके बाद वह पूरी मानवजाति को नष्ट कर देगा—ये परमेश्वर के कार्य के भावी चरण हैं।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन' के 'अध्याय 42' से उद्धृत

जब परमेश्वर अपने महान कोप को बंधन से मुक्त करेगा, तो परिणामस्वरूप, पूरी दुनिया, ज्वालामुखी के फटने की तरह, सभी प्रकार की आपदाओं का अनुभव करेगी। आकाश में ऊपर खड़े हो कर, यह देखा जा सकता है कि पृथ्वी पर सभी प्रकार की आपदाएँ, दिन प्रति दिन मानवजाति को घेर रही हैं। ऊपर से नीचे देखने पर, पृथ्वी भूकंप से पहले के विभिन्न दृश्यों को प्रदर्शित करती है। तरल अग्नि अनियंत्रित बहती है, लावा बेरोकटोक बहता है, पहाड़ सरकते हैं, और हर जगह उदासीन प्रकाश चमकता है। पूरी दुनिया आग में डूब गई है। यह परमेश्वर के कोप के उत्सर्जन का दृश्य है, और यह उसके न्याय का समय है। वे सभी जो मांस और रक्त वाले हैं भागने में असमर्थ होंगे। इस प्रकार, पूरी दुनिया को नष्ट करने के लिए देशों के बीच युद्ध और लोगों के बीच संघर्ष की आवश्यकता नहीं होगी; इसके बजाय दुनिया परमेश्वर की ताड़ना के पालने में "स्वयं का होशहवास में आनंद" लेगी। कोई भी बच निकलने में सक्षम नहीं होगा; हर एक व्यक्ति को, एक के बाद एक, इस कठिन परीक्षा से गुजरना होगा। इसके बाद संपूर्ण ब्रह्माण्ड एक बार पुनः पवित्र कांति से जगमगाएगा और समस्त मानवजाति एक बार पुनः एक नया जीवन शुरू करेगी। और परमेश्वर ब्रह्मांड के ऊपर आराम करेगा और हर दिन मानवजाति को आशीष देगा।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचनों के रहस्य की व्याख्या' के 'अध्याय 18' से उद्धृत

सम्पूर्ण मानवजाति मेरे चेहरे को देखने की लालसा करती है, परन्तु जब मैं पृथ्वी पर व्यक्तिगत रूप से उतरता हूँ, तो वे सब मेरे आगमन के विरुद्ध हो जाते हैं, वे सभी रोशनी को आने से भगा देते हैं, मानो कि मैं स्वर्ग में रहने वाला मनुष्यों का शत्रु हूँ। मनुष्य अपनी आँखों में एक रक्षात्मक रोशनी के साथ मेरा स्वागत करता है और इस बात से गहराई से भयभीत होकर कि मेरे पास उसके लिए कुछ अन्य योजनाएँ हो सकती हैं, हमेशा सतर्क बना रहता है। क्योंकि मानवजाति मुझे एक अपरिचित मित्र के रूप में मानती है, इसलिए वह ऐसा महसूस करती है मानो कि मैं उसकी अंधाधुंध हत्या का इरादा रखता हूँ। मनुष्य की नज़रों में, मैं एक घातक विरोधी हूँ। विपत्तियों के बीच मेरी गर्मजोशी का अनुभव ले कर भी, मनुष्य अभी भी मेरे प्रेम से अनभिज्ञ है, और अभी भी मुझे रोकने और मेरी उपेक्षा करने पर दृढ़ है। उसके विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए उसके इस हालात में होने का लाभ उठाने से कहीं दूर, मैं मनुष्य को आलिंगन की गर्मजोशी में ले लेता हूँ, उसके मुँह को मिठास से भर देता हूँ, और उसके पेट में आवश्यक भोजन रख देता हूँ। परन्तु, जब मेरी क्रोध से भरी नाराज़गी पहाड़ों और नदियों को हिलायेगी, तो मैं मनुष्य की कायरता के कारण, उस पर ये विभिन्न रूपों का सुकून अब और प्रदान नहीं करूँगा। इस क्षण में, मैं अपने प्रचण्ड क्रोध को बढ़ाऊँगा, सभी जीवित प्राणियों को पश्चाताप करने का एक मौका देने से इनकार करते हुए, और मनुष्य की समस्त आशा का बहिष्कार करते हुए, मैं वह प्रतिफल दूँगा जिसके वह पूर्ण रूप से योग्य है। इस समय, बिजली की गर्जना होती है और बिजली कौंधती है और गड़गड़ाहट होती है जैसे कि महासागर की लहरें गुस्से में उग्र हो रही हों, जैसे दसों हजारों पहाड़ टूट कर गिर रहे हों। अपनी विद्रोहशीलता के कारण, मनुष्य बिजली की गर्जना और बिजली के चमकने से कट कर गिर जाता है, अन्य प्राणी भी बिजली की गर्जना और बिजली की चमक में मिट जाते हैं, सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड अचानक अराजकता में पड़ जाता है और सृष्टि जीवन की मौलिक साँस लेने में भी असमर्थ हो जाती है। मानवजाति के असंख्य समुदाय बिजली की गर्जना की दहाड़ से बच कर निकल नहीं सकते हैं; बिजली की कौंध के बीच, मानवजाति के, झुंड के झुंड, प्रपात की तरह गिरती हुए प्रचण्ड धाराओं द्वारा बहा लिये जाने के लिए, तेजी से बहती हुई धारा में गिर जाते हैं। अचानक से, मनुष्य की "मंज़िल" के स्थान पर "मनुष्यों" का एक संसार जमा हो जाता है। महासागर की सतह पर लाशें बहती हैं। मेरे कोप के कारण संपूर्ण मानवजाति मुझसे बहुत दूर चली जाती है, क्योंकि मनुष्य ने मेरी आत्मा के सार के विरुद्ध अपमान किया है, उसके विद्रोह ने मुझे अप्रसन्न किया है। परन्तु, जल से रिक्त स्थान में, अन्य लोग, हँसी और गीत के बीच, अभी भी उन प्रतिज्ञाओं का आनन्द ले रहे हैं, जो मैनें उन्हें कृपापूर्वक प्रदान की हैं।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन' के 'अध्याय 17' से उद्धृत

किन्तु जब तक पुराना संसार निरन्तर बना रहता है, मैं सारे विश्व में खुले तौर पर अपनी प्रशासनिक आज्ञाओं की घोषणा करते हुए, अपने प्रचण्ड प्रकोप को इनके राष्ट्रों के ऊपर तेजी से फेंकूँगा, और जो कोई उनका उल्लंघन करता है उनको ताड़ना दूँगा:

जैसे ही मैं बोलने के लिए विश्व की तरफ अपने चेहरे को घुमाता हूँ, सारी मानवजाति मेरी आवाज़ को सुनती है, और उसके बाद उन सभी कार्यों को देखती है जिसे मैंने समूचे ब्रह्माण्ड में गढ़ा है। वे जो मेरी इच्छा के विरूद्ध जाते हैं, अर्थात्, जो मनुष्य के कार्यों से मेरा विरोध करते हैं, वे मेरी ताड़ना के अधीन नीचे गिर जाएँगे। मैं स्वर्ग के असंख्य तारों को लूँगा और उन्हें फिर से नया कर दूँगा, और मेरे कारण सूर्य और चन्द्रमा को नया बना दिया जायेगा—आकाश अब और वैसा नहीं रहेगा जैसा वह था; पृथ्वी पर बेशुमार चीज़ों को फिर से नया बना दिया जाएगा। मेरे वचनों के माध्यम से सभी पूर्ण हो जाएँगे। विश्व के भीतर अनेक राष्ट्रों को नए सिरे से विभक्त कर दिया जाएगा और मेरे राज्य के द्वारा बदल दिया जाएगा, जिसकी वजह से पृथ्वी के राष्ट्र हमेशा हमेशा के लिए विलुप्त हो जाएँगे और एक राज्य बन जाएँगे जो मेरी आराधना करते हों; पृथ्वी के सभी राष्ट्रों को नष्ट कर दिया जाएगा, और उनका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। विश्व के भीतर मनुष्यों में, वे सभी जो शैतान से संबंध रखते हैं उनका सर्वनाश कर दिया जाएगा; वे सभी जो शैतान की आराधना करते हैं उन्हें जलती हुई आग के द्वारा नीचा दिखाया जायेगा—अर्थात उनको छोड़कर जो अभी इस धारा के अन्तर्गत हैं, बाकियों को राख में बदल दिया जाएगा। जब मैं बहुत से लोगों को ताड़ना देता हूँ, तो वे जो, भिन्न-भिन्न अंशों में, धार्मिक संसार में हैं, मेरे कार्यों के द्वारा जीत लिए जा कर मेरे राज्य में लौट आएँगे, क्योंकि उन्होंने एक श्वेत बादल पर सवार पवित्र जन के आगमन को देख लिया होगा। समस्त मानवता अपने-अपने स्वभाव का अनुसरण करेगी, और जो कुछ उसने किया है उससे भिन्न-भिन्न ताड़नाएँ प्राप्त करेगी। वे जो मेरे विरूद्ध खड़े हुए हैं सभी नष्ट हो जाएँगे; जहाँ तक उनकी बात है जिन्होंने पृथ्वी पर अपने कार्यों में मुझे शामिल नहीं किया है, वे अपने आपको दोषमुक्त करने के ढंग के कारण, पृथ्वी पर मेरे पुत्रों और मेरे लोगों के शासन के अधीन निरन्तर बने रहेंगे। मैं अपने महान कार्य की समाप्ति की घोषणा करने के लिए पृथ्वी पर अपनी ध्वनि आगे करते हुए अपने आपको असंख्य लोगों और असंख्य राष्ट्रों के सामने प्रकट करूँगा, ताकि समस्त मानवजाति अपनी आँखों से देखे।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'संपूर्ण ब्रह्मांड के लिए परमेश्वर के वचन' के 'अध्याय 26' से उद्धृत

पिछला: 1. आज की दुनिया वास्तव में निरंतर अधिक बुरी, और मानव जाति निरंतर अधिक भ्रष्ट, होते जा रही है। दुनिया में गिरावट आई है, नैतिकता खो गई है, अच्छे लोग जो परमेश्वर में विश्वास करते हैं और सही मार्ग पर चलते हैं, उन्हें धौंस दिखाई जाती है, उत्पीड़ित किया और सताया जाता है, जबकि वे तलवे चाटने और गबन करने वाले लोग जो सभी तरह की बुराई करते हैं, समृद्ध होते जाते हैं। दुनिया इतनी अंधकारमय, इतनी दुष्ट क्यों है? मानव जाति का भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुँच गया है—क्या मनुष्य के लिए परमेश्वर द्वारा नष्ट किए जाने का समय आ गया है?

अगला: 1. प्रभु ने हमसे यह कहते हुए, एक वादा किया, "मैं तुम्हारे लिये जगह तैयार करने जाता हूँ। और यदि मैं जाकर तुम्हारे लिये जगह तैयार करूँ, तो फिर आकर तुम्हें अपने यहाँ ले जाऊँगा कि जहाँ मैं रहूँ वहाँ तुम भी रहो" (यूहन्ना 14:2-3)। प्रभु यीशु पुनर्जीवित हुआ और हमारे लिए एक जगह तैयार करने के लिए स्वर्ग में चढ़ा, और इसलिए यह स्थान स्वर्ग में होना चाहिए। फिर भी आप गवाही देते हैं कि प्रभु यीशु लौट आया है और पृथ्वी पर ईश्वर का राज्य स्थापित कर चुका है। मुझे समझ में नहीं आता: स्वर्ग का राज्य स्वर्ग में है या पृथ्वी पर?

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

5. अंतिम दिनों में परमेश्वर के न्याय के कार्य को धार्मिक दुनिया द्वारा अस्वीकार कर दिए जाने का प्रभाव और परिणाम

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:अंत के दिनों का मसीह जीवन लेकर आता है, और सत्य का स्थायी एवं अनंत मार्ग प्रदान करता है। ये सत्य वो मार्ग है जिसके...

1. अनुग्रह के युग में परमेश्वर ने मानव जाति को छुटकारा दिलाया था, तो क्यों आखिरी दिनों में उसे न्याय के अपने कार्य को करने की अब भी आवश्यकता है?

संदर्भ के लिए बाइबल के पद:"सबसे मेल मिलाप रखो, और उस पवित्रता के खोजी हो जिसके बिना कोई प्रभु को कदापि न देखेगा" (इब्रानियों 12:14)।"यदि...

2. अंतिम दिनों में चीन में कार्य करने के लिए परमेश्वर के देहधारण का उद्देश्य और महत्व क्या है?

परमेश्वर के प्रासंगिक वचन:यहोवा का कार्य दुनिया का सृजन था, यह आरंभ था; कार्य का यह चरण, कार्य का अंत है, और यह समापन है। आरंभ में,...

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें