903 परमेश्वर की सत्ता अनुपम है

1

परमेश्वर की सत्ता है अनुपम; ये है उसका अनोखा सत्व और इज़हार,

जो नहीं और किसी के पास, चाहे वो सृजा था या हो अनसृजा।

इस ताकत का मालिक है बस सृष्टिकर्ता,

यह तत्व है बस अनुपम परमेश्वर के पास।

परमेश्वर ने बनाया सब कुछ,

सब पर है उसका, उसका ही अधिकार, अधिकार, अधिकार, अधिकार।

उसके अधीन नहीं महज कुछ तारे, मानवता और सृष्टि के कुछ हिस्से।

बल्कि रखे है वो सब कुछ अपने हाथों में,

बड़ा हो या हो छोटा, दृश्य या अदृश्य,

तारों से लेकर छोटे छोटे जीव, सब कुछ है उसके महान हाथों में।

बस यही मायने हैं ‘समस्त चीज़ों’ के, परमेश्वर जिनका संचालक है।

इस ताकत का मालिक है बस सृष्टिकर्ता,

यह तत्व है बस अनुपम परमेश्वर के पास।

परमेश्वर ने बनाया सब कुछ,

सब पर है उसका, उसका ही अधिकार, अधिकार, अधिकार, अधिकार।

2

प्रभु की सत्ता को समझना लगता है मुश्किल, पर नहीं है ये बस ख्यालों में।

रहता है ये इंसान के साथ हर दिन हर लम्हे में,

इंसान देखता महसूस करता कितना सच्चा है ये असल में।

परमेश्वर की शक्ति को साबित करती है ये हकीकत;

इंसान को समझाती केवल परमेश्वर की है ऐसी ताकत।

उसके अधीन नहीं महज कुछ तारे, मानवता और सृष्टि के कुछ हिस्से।

बल्कि रखे है वो सब कुछ अपने हाथों में,

बड़ा हो या हो छोटा, दृश्य या अदृश्य,

तारों से लेकर छोटे छोटे जीव, सब कुछ है उसके महान हाथों में।

बस यही मायने हैं ‘समस्त चीज़ों’ के, परमेश्वर जिनका संचालक है।

परमेश्वर अपनी ताकत दिखाता वह राज्य यही है,

दायरे हैं यही उसकी सत्ता और हुकूमत के।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है III' से रूपांतरित

पिछला: 902 स्वयं परमेश्वर की पहचान और पदवी

अगला: 904 परमेश्वर का अधिकार प्रतीक है उसकी पहचान का

परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें