871 परमेश्वर की विनम्रता बहुत प्यारी है

I

ईश्वर नम्र कर खुद को, करता है कार्य

अशुद्ध और भ्रष्ट मानव पर, करने को पूर्ण इन्हें।

ईश्वर है बनता मानव।

चरवाही और सेवा है करता,

वो आता है बड़े लाल अजगर के दिल में

भ्रष्टों को जीतने और उन्हें बचाने को,

उनको बदलने के कार्य और उन्हें नया करने के लिए।

स्वयं को दीन कर वो मानव है बनता

और इससे जुड़े सभी कष्टों को है सहता।

ये उस पवित्र आत्मा का अत्यधिक निरादर है।

ईश्वर, महान और ऊंचा; मानव, तुच्छ और नीच है।

फिर भी ईश्वर बात करता, चीज़ें देता और उनके बीच रहता है।

वो कितना नम्र है, कितना प्यारा है।


II

ईश्वर जीता है देह में सामान्य जीवन

और सामान्य उसकी ज़रूरतें

दर्शाता है कि वो विनम्र है।

उसका आत्मा उच्च और महान, आता है मानव के रूप में

अपने आत्मा के कार्य को करने।

तुम सब उसके कार्य के अयोग्य हो,

हर उस कष्ट के जिनको उसने सहा।

यह तुम्हारे गुणों में दिखता है, अंतर्दृष्टि और समझ में।

तुम सब उसके कार्य के अयोग्य हो,

हर उस कष्ट के जिनको उसने सहा।

ये दिखता है तुम्हारी मानवता में और तुम्हारे जीवन में।

ईश्वर, महान और ऊंचा; मानव, तुच्छ और नीच है।

फिर भी ईश्वर बात करता, चीज़ें देता और उनके बीच रहता है।

वो कितना नम्र है, कितना प्यारा है।


"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 869 मनुष्य को बचाने को परमेश्वर बड़े कष्ट सहता है

अगला: 872 परमेश्वर बहुत बड़े अपमान को सहन करता है

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें