877 मनुष्य को बचाने के लिए परमेश्वर ज़बरदस्त अपमान सहता है

1 लोग और परमेश्वर मूल रूप से भिन्न हैं और दो अलग-अलग क्षेत्रों में रहते हैं। लोग परमेश्वर की भाषा को समझने में सक्षम नहीं हैं और उससे भी अधिक, वे परमेश्वर के विचारों को जान पाने में असमर्थ हैं। केवल परमेश्वर लोगों को समझते हैं और लोगों के लिए परमेश्वर को समझना असंभव है। इसलिए, परमेश्वर को देहधारण करना पड़ा है और मनुष्य के समान बनना पड़ा है। मानवजाति को बचाने और लोगों को परमेश्वर के काम को समझने और जानने के योग्य बनाने में परमेश्वर जबरदस्त अपमान और दर्द को सहते हैं। क्यों परमेश्वर हमेशा लोगों को बचा रहे हैं और कभी हार नहीं मानते? क्या यह लोगों के लिए उनके प्रेम की वजह से नहीं है? वे मानवजाति को शैतान के द्वारा भ्रष्ट होते देखते हैं और वे इसे सहन नहीं कर सकते कि उन्हें जाने दें, या छोड़ दें। इसलिए उनके पास एक प्रबंधन योजना है।

2 अगर लोगों की कल्पना के अनुसार परमेश्वर को क्रोधित होकर मानवजाति को नष्ट करना होता, तो उसे बचाने के लिए उन्हें इतना कष्ट सहने की जरूरत नहीं थी। और क्योंकि उन्होंने देहधारण किया और दर्द का सामना किया, उनका प्रेम मनुष्य के सामने प्रकट हुआ है, उनका प्रेम लोगों को थोड़ा-थोड़ा करके पता चला है और सभी लोगों को ज्ञात हो गया है। अगर परमेश्वर ने अभी इस तरह से काम न किया होता, तो लोग केवल यही जानते कि स्वर्ग में एक परमेश्वर हैं और वे मानवजाति से प्रेम करते हैं। अगर ऐसी बात होती, तो वह केवल सिद्धांत होता और लोग परमेश्वर के सच्चे प्रेम को कभी देख नहीं पाते और कभी उसका अनुभव नहीं कर पाते।

3 केवल परमेश्वर के देहधारण करने और कार्य करने के कारण ही लोगों को उनके बारे में एक सच्ची समझ आई है। यह समझ धुंधली या खाली नहीं है और न ही यह कोई सिद्धांत है जिसे कोई व्यक्ति पढने का दिखावा कर सकता है, बल्कि यह एक बहुत ही वास्तविक समझ है। यह इस कारण से है कि परमेश्वर द्वारा लोगों को दिया जाने वाला प्रेम काफी फायदेमंद है। यह काम केवल उनके देहधारण द्वारा ही किया जा सकता है, और पवित्र आत्मा उसकी जगह यह काम नहीं कर सकता है। यीशु ने लोगों को कितना प्यार दिया? भ्रष्ट मानवजाति के लिए एक पाप के चढ़ावे के रूप में क्रूस पर चढ़कर उन्होंने सेवा की, वे मानवजाति के लिए उद्धार का काम पूरा करने के लिए आये थे, तब तक जब वे क्रूस पर चढ़ाये गए। यह प्रेम असीम है और परमेश्वर के द्वारा किया गया कार्य अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

— "मसीह की बातचीतों के अभिलेख" में "क्या आप मानवजाति के लिए परमेश्वर के प्रेम को समझते हैं?" से रूपांतरित

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