287 क्या मनुष्य अपने भाग्य को खुद नियंत्रित करता है?

ईश्वर लाया तुम सबको यहाँ तक,

उसने की है उचित व्यवस्था।

अगर वो बता देता अपनी योजनाएँ,

तो क्या सच में जान पाते उन्हें तुम?


ईश्वर जाने अच्छे से इंसान के विचार,

उसके दिल की इच्छा।

किसने कभी बचने का रास्ता न खोजा?

किसने भविष्य के बारे में न सोचा?


भले ही इंसान का दिमाग तेज़ है,

पर युगों बाद आज ऐसा होगा,

कौन बता सकता था?


क्या ये तुम्हारे श्रम का फल है,

तुम्हारे अथक प्रयास का इनाम है?

क्या ये है वो सुंदर तस्वीर

जो तुम्हारे दिमाग ने बनाई है?

सर्वशक्तिमान की नज़रें

किस इंसान की परवाह न करें?

जो उसने नियत किया,

उसके बीच कौन न रहे?

अपना जन्म, अपनी मृत्यु कौन खुद चुने?

क्या इंसान की किस्मत है उसके वश में?


जो ईश्वर राह न दिखाये,

तो उसकी व्यवस्था के बाहर

कौन है जो राह निकाल पाये?

क्या इंसान के ख़्याल और इच्छाएँ

उसे यहाँ तक लाये?


जीवन में बहुतों की इच्छा

अधूरी रह जाये।

क्या ये है उनके विचारों की गलती?

बहुत से लोग अत्यंत सुख पाएँ।

क्या इसलिए क्योंकि वे अधिक न चाहें?


कई लोग माँगें मौत,

लेकिन उन्हें न मिले।

कई उससे दूर भागें,

फिर भी मौत उन्हें निगल जाये।

सर्वशक्तिमान की नज़रें

किस इंसान की परवाह न करें?

जो उसने नियत किया,

उसके बीच कौन न रहे?

अपना जन्म, अपनी मृत्यु कौन खुद चुने?

क्या इंसान की किस्मत है उसके वश में?

बहुत लोग रोते, आसमान को देखते।

कई परीक्षा में विफल हो जाते।

ईश्वर इंसान के सामने नहीं आता,

लेकिन कई उसे देखने से डरते

कि वो उन्हें मार गिराएगा।

इंसान उसे जानता भी है या नहीं?

सर्वशक्तिमान की नज़रें

किस इंसान की परवाह न करें?

जो उसने नियत किया,

उसके बीच कौन न रहे?

अपना जन्म, अपनी मृत्यु कौन खुद चुने?

क्या इंसान की किस्मत है उसके वश में?


'वचन देह में प्रकट होता है' से रूपांतरित

पिछला: 286 उन्हें किसका अनुसरण करना चाहिये जिन्हें सत्य से प्रेम है

अगला: 288 परमेश्वर इंसानी दुनिया के अन्याय को दूर करेगा

क्या आप जानना चाहते हैं कि सच्चा प्रायश्चित करके परमेश्वर की सुरक्षा कैसे प्राप्त करनी है? इसका तरीका खोजने के लिए हमारे ऑनलाइन समूह में शामिल हों।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

Iपूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने,हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह—उद्धारकर्ता का प्रकटन और कार्य राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें