290 परमेश्वर की योजना कभी बदली नहीं है

1 मैंने अपनी योजना के आरंभ से उसमें एक भी परिवर्तन नहीं किया है। बात केवल इतनी ही है कि जहाँ तक मनुष्य का संबंध है, ऐसा प्रतीत होता है कि जिनकी ओर मैं अपने वचनों को निर्देशित करता हूँ उनकी संख्या उसी तरह से घटती जा रही है जैसे कि उनकी संख्या घट रही है जिन्हें मैं सही मायनों में स्वीकार करता हूँ। लेकिन, मैं अभी भी यही कहता हूँ कि मेरी योजना में कभी बदलाव नहीं आया है; बल्कि, यह मनुष्य के विश्वास और प्रेम हैं जो हमेशा बदलते रहते हैं, सदैव कम होते हैं, इस हद तक कि प्रत्येक मनुष्य के लिए संभव है कि वह मेरी चापलूसी करने से लेकर मेरे प्रति उदासीन हो जाये या मुझे निकालकर बाहर कर दे।

2 जब तक मैं चिढ़ न जाऊं या घृणा महसूस न करने लगूँ, और अंत में दण्ड न देने लगूँ, तब तक तुम लोगों के प्रति मेरी प्रवृत्ति न तो उत्साहपूर्ण होगी और न ही उत्साहहीन। हालाँकि, तुम लोगों के दंड के दिन भी मैं तुम लोगों को देखूँगा, परंतु तुम लोग अब से मुझे देखने में समर्थ नहीं होगे। चूँकि तुम लोगों के बीच जीवन पहले से ही थकाऊ और सुस्त हो गया है, इसलिए कहने की आवश्यकता नहीं कि मैंने रहने के लिये एक अलग परिवेश चुन लिया है ताकि बेहतर रहे कि तुम लोगों के अभद्र शब्दों की चोट से बचूँ और तुम लोगों के असहनीय रूप से गंदे व्यवहार से दूर रहूँ, ताकि तुम लोग मुझे अब और मूर्ख न बना सको या मेरे साथ लापरवाह ढंग से व्यवहार न कर सको। इसके पहले कि मैं तुम लोगों को छोड़कर जाऊँ, मुझे तुम लोगों को ऐसे कर्मों को करने से बचने के लिए आग्रह अवश्य करना चाहिए जो सत्य के अनुरूप नहीं हैं। बल्कि, तुम लोगों को वह करना चाहिए जो सबके लिए सुखद हो, जो सभी मनुष्यों को लाभ पहुँचाता हो, और जो तुम लोगों की अपनी मंज़िल के लिए लाभदायक हो, अन्यथा, आपदा के बीच दुःख उठाने वाला इंसान, और कोई नहीं बल्कि तुम ही होगे।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'अपनी मंज़िल के लिए पर्याप्त संख्या में अच्छे कर्मों की तैयारी करो' से रूपांतरित

पिछला: 289 परमेश्वर मानवजाति की कठिनाइयों का अनुभव करता है

अगला: 291 परमेश्वर जब आता है तब उसे जानने में कौन समर्थ है?

सभी विश्वासी यीशु मसीह की वापसी के लिए तरस रहे हैं। क्या आप उनमें से एक हैं? हमारी ऑनलाइन सहभागिता में शामिल हों और आपको परमेश्वर से फिर से मिलने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

वचन देह में प्रकट होता है न्याय परमेश्वर के घर से शुरू होता है अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन परमेश्वर का आगमन हो चुका है, वह राजा है सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन सत्य का अभ्यास करने के 170 सिद्धांत मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें