मनुष्य की अंतर्निहित पहचान और उसका मूल्य : वे असल में कैसे हैं?

तुम लोग कीचड़ से अलग किए गए थे और हर हाल में, तुम उसी तलछट से बने थे, जिसे कीचड़ में से उठाया गया था, गंदे और परमेश्वर द्वारा घृणित। तुम लोग शैतान के थे और कभी उसके द्वारा कुचले और दूषित किए गए थे। इसीलिए यह कहा जाता है कि तुम कीचड़ से निकाले गए थे, और पवित्र होना तो दूर, तुम वे गैर-इंसानी चीजें हो, जो लंबे समय से शैतान की प्रवंचना का लक्ष्य थीं। यह तुम लोगों का सबसे उपयुक्त आकलन है। तुम्हें पता होना चाहिए कि मूल रूप से तुम लोग, मछली और झींगे जैसे वांछनीय शिकारों के विपरीत, रुके हुए पानी और कीचड़ में पाई जाने वाली गंदगियाँ थे, क्योंकि तुमसे आनंद देने वाली कोई चीज नहीं मिल सकती। दो-टूक शब्दों में कहूँ तो, तुम लोग निम्न समाज के सबसे नीच जानवर हो, सूअरों और कुत्तों से भी बदतर। स्पष्ट कहूँ तो, तुम सबको इन शब्दों से संबोधित करना न तो अत्युक्ति है, न ही अतिशयोक्ति; बल्कि यह मुद्दे को सरल बना देता है। तुम लोगों को ऐसे शब्दों से संबोधित करना भी तुम्हें सम्मान देने का एक तरीका कहा जा सकता है। तुम लोगों की अंतर्दृष्टि, बोलचाल, मनुष्यों के रूप में व्यवहार, और कीचड़ में तुम्हारी हैसियत सहित तुम्हारी जिंदगी का हर पहलू यह साबित करने के लिए पर्याप्त है कि तुम लोगों की पहचान "असाधारण" है।

पिछला: मनुष्य का सार और उसकी पहचान

अगला: जो लोग सीखते नहीं और अज्ञानी बने रहते हैं : क्या वे जानवर नहीं हैं?

परमेश्वर का आशीष आपके पास आएगा! हमसे संपर्क करने के लिए बटन पर क्लिक करके, आपको प्रभु की वापसी का शुभ समाचार मिलेगा, और 2023 में उनका स्वागत करने का अवसर मिलेगा।

संबंधित सामग्री

मार्ग ... (6)

यह परमेश्‍वर का कार्य ही है, जिसकी वजह से हम वर्तमान समय में लाए गए हैं, और इस तरह हम परमेश्‍वर की प्रबंधन-योजना में जीवित बचे लोग हैं। यह...

परमेश्वर में अपने विश्वास में तुम्हें परमेश्वर का आज्ञापालन करना चाहिए

तुम परमेश्वर में विश्वास क्यों करते हो? अधिकांश लोग इस प्रश्न से हैरान हैं। उनके पास व्यावहारिक परमेश्वर और स्वर्ग के परमेश्वर के बारे में...

बाइबल के विषय में (1)

परमेश्वर में विश्वास करते हुए बाइबल को कैसे समझना चाहिए? यह एक सैद्धांतिक प्रश्न है। हम इस प्रश्न पर संवाद क्यों कर रहे हैं? क्योंकि भविष्य...

पूर्णता प्राप्त करने के लिए परमेश्वर की इच्छा को ध्यान में रखो

परमेश्वर की इच्छा को तुम जितना अधिक ध्यान में रखोगे, तुम्हारा बोझ उतना अधिक होगा और तुम जितना ज्यादा बोझ वहन करोगे, तुम्हारा अनुभव भी उतना...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें