149 मेरे सामने प्रकट होते हुए तुम्हारे मुस्कुराते हुए चेहरे का स्वागत करता/करती हूँ मैं

तुमने मुझे धूल से उठाया,

अपने गले से लगाया।

लंबी, अंधेरी रात की नींद से

तुमने मेरे दिल को जगाया।

अपनी धुंध के बीच से देखते हुए,

मैं देख रहा/रही हूँ तुम्हारा मुस्कुराता चेहरा।

यह मेरे दिल और मेरे प्यार को करता है आकर्षित।

कभी नहीं सोचा था कि

मैं देखूँगा/देखूँगी तुम्हारा चेहरा।

ऐसे आशीष ने मुझे कर दिया है आश्चर्यचकित।

ऐसा आशीष मिला मुझे

जब प्रकट हुए तुम मेरे सामने।

क्योंकि मैं तो हूँ धूल से,

कोई मूल्य नहीं है मेरा।

फिर भी महिमामय सर्वशक्तिमान परमेश्वर

आया है मेरे सामने।

तुम्हारे सामने चुपचाप,

सुनता/सुनती हूँ मैं तुम्हें बात करते हुए।

तुम्हारे वचन हैं स्नेहशील,

तुम्हारे वचन हैं शक्तिशाली।

न्याय और ताड़ना मेरे दिल को जगाते हैं।

एक ईमानदार और सुंदर प्रेम

जो हमेशा रहेगा मुझे प्रिय।

तुम्हारी सुंदरता शब्दों से परे है।

यह चमत्कारिक है!

मेरे दिल को ले लिया,

मेरे प्रेम को भी जगाया।

मैंने तुम्हारी हर सुंदर विशेषता

को कर लिया है याद।

अपना सारा प्रेम तुम्हें दे देना,

यही है मेरी सबसे बड़ी इच्छा।

अपना सारा प्रेम तुम्हें दे देना,

तुम्हें दे देना।

तुम कहां हो, हे मेरे प्यारे परमेश्वर?

मैं नहीं भूल सकता/सकती

तुम्हारा प्रेम है इतना अधिक।

दूर रहना अगर था, तो क्यों मुझे बचाया?

शांति नहीं मिलेगी मुझ जब तक

मैं चुका न सकूँ तुम्हारे प्रेम को।

दर्द में मेरा दिल पुकारता है,

उत्सुकता के साथ तुम्हारी ओर देखता है।

तुम्हारे वचन करते हैं मेरी रहनुमाई,

मानो तुम हो मेरे सामने।

अपने दिल में तुम्हारे वचनों का साथ,

मानो तुम हो मेरे साथ।

तुम्हारे वचन हैं मेरा जीवन,

मेरे पूरे दिल को पा लिया है इसने।

तुम्हारे वचन के अनुसार जीना

लाता है शांति और ख़ुशी मेरे लिए।

मैं चाहता/चाहती हूँ जीना तुम्हारे वचन को,

तुम्हारी महिमा करना,

तुम्हारा/तुम्हारी साक्षी बनना!

तुम्हारे सामने चुपचाप,

सुनता/सुनती हूँ मैं तुम्हें बात करते हुए।

तुम्हारे वचन हैं स्नेहशील,

तुम्हारे वचन हैं शक्तिशाली।

न्याय और ताड़ना मेरे दिल को जगाते हैं।

एक ईमानदार और सुंदर प्रेम

जो हमेशा रहेगा मुझे प्रिय।

तुम्हारी सुंदरता शब्दों से परे है।

यह चमत्कारिक है!

मेरे दिल को ले लिया,

मेरे प्रेम को भी जगाया।

मैंने तुम्हारी हर सुंदर विशेषता

को कर लिया है याद।

अपना सारा प्रेम तुम्हें दे देना,

यही है मेरी सबसे बड़ी इच्छा।

अपना सारा प्रेम तुम्हें दे देना,

तुम्हें दे देना।

तुम्हारे प्रेम को चुकाने का कर्तव्य,

तुम्हारी इच्छा को पूरा करने का काम,

मैं करूँगा/करूँगी पूरा।

मेरे सामने प्रकट होते हुए तुम्हारे मुस्कुराते हुए चेहरे का

करता/करती हूँ मैं स्वागत।

अपना सारा प्रेम तुम्हें दे देना,

यही है मेरी सबसे बड़ी इच्छा।

तुम्हारे प्रेम को चुकाने का कर्तव्य,

तुम्हारी इच्छा को पूरा करने का काम,

मैं करूँगा/करूँगी पूरा।

मेरे सामने प्रकट होते हुए तुम्हारे मुस्कुराते हुए चेहरे का

करता/करती हूँ मैं स्वागत।

अपना सारा प्रेम तुम्हें दे देना,

यही है मेरी सबसे बड़ी इच्छा।

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