855 केवल सृष्टिकर्ता मानवता पर दया करता है

1

मानवता के साथ केवल सृष्टिकर्ता का है दया और प्रेम का अटूट बंधन।

बस वो ही संजोता अपनी सारी सृष्टि।

उसका हर विचार, होता हमेशा मानवता की भलाई के लिए,

मानवता की भलाई के लिए।

उनके अस्तित्व से बंधे हैं परमेश्वर के हर जज़्बात।

परमेश्वर के स्वभाव की अभिव्यक्ति, सब कुछ है मानवता के लिए।

सब कुछ है मानवता के लिए। सब कुछ है मानवता के लिए।

2

इंसान के सभी कामों को वो अपने दिल के भीतर महसूस करता है।

इंसान की भ्रष्टता उसके गम और क्रोध को जगाती है।

इंसानों का पछतावा देख उन्हें वो माफ करता है,

उनके पछतावे से वो खुश हो जाता है।

इंसान के लिए हमेशा कामों में लगा रहता है।

अपने जीवन का हर पल, वो अर्पित करता है,

और बिन कुछ भी कहे वो अपने जीवन के हर एक अंश को अर्पित करता है।

ये सब कुछ है मानवता के लिए। ये सब कुछ है मानवता के लिए।

ये सब कुछ है मानवता के लिए।

3

अपने जीवन पर दया करना वो जानता नहीं, मगर मानवता को वो संजोता है।

अपने हाथों से सजाई है ये चमत्कारी मानवता उसने।

दया और उदारता का वो देता है दान,

बिना किसी शर्त या फल की इच्छा करते हुए,

ताकि इंसान जिए हमेशा उसकी निगाहों तले,

कि एक दिन इंसान कहना माने और माने कि वही है उनका पोषण करने वाला,

और माने कि वही है,

सृष्टि को देता है जीवन का दान, सारी सृष्टि को जीवनदान,

सारी सृष्टि को जीवनदान।

उसका हर विचार, होता हमेशा मानवता की भलाई के लिए।

उनके अस्तित्व से बंधे हैं परमेश्वर के हर जज़्बात।

परमेश्वर के स्वभाव की अभिव्यक्ति, सब कुछ है मानवता के लिए।

सब कुछ है मानवता के लिए। सब कुछ है मानवता के लिए।

सब कुछ है मानवता के लिए।

— "वचन देह में प्रकट होता है" में 'स्वयं परमेश्वर, जो अद्वितीय है II' से रूपांतरित

पिछला: 854 परमेश्वर का सार सचमुच अस्तित्व में है

अगला: 856 मानवजाति पर परमेश्वर की दया

परमेश्वर की ओर से एक आशीर्वाद—पाप से बचने और बिना आंसू और दर्द के एक सुंदर जीवन जीने का मौका पाने के लिए प्रभु की वापसी का स्वागत करना। क्या आप अपने परिवार के साथ यह आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

610 प्रभु यीशु का अनुकरण करो

1पूरा किया परमेश्वर के आदेश को यीशु ने, हर इंसान के छुटकारे के काम को,क्योंकि उसने परमेश्वर की इच्छा की परवाह की,इसमें न उसका स्वार्थ था, न...

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

1समझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग, सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के...

सेटिंग

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें