35 उठो और परमेश्वर के लिए नृत्य करो

I

हमने सुनी है परमेश्वर की आवाज़,

हमें उठाया गया है उसके सामने,

उसके तैयार किये गए दावत में शामिल होने के लिए।

हम खाते और पीते हैं परमेश्वर के वचन,

हम करते हैं प्रार्थना उससे,

उसके सामने जीना देता है बहुत हर्ष।

जब हमने धर्म के भीतर विश्वास किया प्रभु पर,

हमारे दिल थे अंधियारे, मार्ग नहीं था हमारे पास।

अब हम खाते और पीते हैं परमेश्वर के वचन,

सत्य पर करते हैं साहचर्य।

पवित्र आत्मा के कार्य को पाना है बहुत ख़ुशी की बात।

भाइयों और बहनों, उठो और नाचो!

परमेश्वर की स्तुति में नए नृत्य पेश करो!

II

हम छूट चुके हैं धार्मिक रस्मों के बंधनों से,

हमने समझ लिया है सत्य,

हो चुकी है मुक्त हमारी आत्माएं।

परमेश्वर के सभी वचन हैं सत्य,

वे दिखाते हैं जीने का रास्ता।

हम कभी फिर अपने भविष्य या किस्मत के बारे में नहीं सोचेंगे,

हम हमेशा पालने करेंगे परमेश्वर के राज का।

भाइयों और बहनों, उठो और नाचो!

परमेश्वर की स्तुति में नए नृत्य पेश करो!

III

हम गुज़र चुके हैं परमेश्वर के वचनों के न्याय से,

हमारा दूषण हो चुका है स्वच्छ और परिवर्तित।

हम जीते हैं मासूम बच्चों की तरह,

और हम आत्मा और सत्य में करते हैं परमेश्वर की आराधना।

परमेश्वर के वचनों के मार्गदर्शन के साथ,

हमें नहीं है डर उत्पीड़न और विपत्तियों का।

शैतान चाहे कितनी भी बाधाएं डाले,

हम चलेंगे मसीह के पीछे,

रहेंगे वफ़ादार अंत तक।

भाइयों और बहनों, उठो और नाचो!

परमेश्वर की स्तुति में नए नृत्य पेश करो!

IV

हमारे दिल में होती है मधुरता

जब हम परमेश्वर के वचनों का अभ्यास करते हैं,

रास्ता होता जाता है उज्जवल।

परमेश्वर की धार्मिकता और पवित्रता को देखकर

मेरा दिल चाहता है केवल उसकी स्तुति करना।

भाइयों और बहनों, उठो और नाचो!

परमेश्वर की स्तुति में नए नृत्य पेश करो!

परमेश्वर का साथ होना है ख़ुशी की बात।

परमेश्वर का गवाह बनना है सच में महिमामय,

हमारी आत्मा है बिल्कुल मुक्त।

शैतान को हराने के लिए परमेश्वर की करो स्तुति,

सर्वशक्तिमान परमेश्वर प्राप्त कर चुका है पूरी महिमा।

भाइयों और बहनों, उठो और नाचो!

परमेश्वर की स्तुति में नए नृत्य पेश करो!

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अब बड़ी-बड़ी विपत्तियाँ आ रही हैं और वह दिन निकट है जब परमेश्वर भलाई का प्रतिफल देगें और बुराई को दण्ड देंगे। हमें एक सुंदर गंतव्य कैसे मिल सकता है?

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