609 वही पात्र हैं सेवा के जो अंतरंग हैं परमेश्वर के

I

जो करते सेवा परमेश्वर की, वही होने चाहिये अंतरंग उसके,

प्रिय हों परमेश्वर को, निष्ठावान हों परमेश्वर के।

काम करो सामने या पीठ पीछे दूसरों की,

परमेश्वर का आनंद पाते हो तुम,

और अडिग रहोगे सम्मुख परमेश्वर के तुम।

चाहे जैसा बर्ताव करें दूसरे तुमसे,

चलोगे राह अपनी ही तुम,

परमेश्वर के दायित्व की परवाह करोगे तुम।

यही है परमेश्वर का अंतरंग होना।

यही है परमेश्वर का अंतरंग होना।

परमेश्वर के अंतरंग हैं विश्वासपात्र उसके।

चिंताएं और ज़रूरत उसकी, वे करते हैं संग साझा उसके।

है कष्टकर, दुर्बल काया उनकी, सह लेते वे दर्द फिर भी,

त्यागते हैं परमेश्वर की संतुष्टि की ख़ातिर, जो प्रिय है उन्हें।


II

परमेश्वर के अंतरंग कर पाते हैं सेवा उसकी

क्योंकि दिया जाता है परमेश्वर का आदेश और दायित्व उनको।

ले पाते हैं वे अपने दिल की तरह, परमेश्वर के दिल को,

बिना ख़्याल किये, गँवाएंगे या पाएंगे।

बिना संभावनाओं के भी,

कर लेंगे यकीन ईश्वर-प्रेमी हृदय से वे।

इस तरह का इंसान, कहलाता है अंतरंग परमेश्वर का।

यही है परमेश्वर का अंतरंग होना।

यही है परमेश्वर का अंतरंग होना।

परमेश्वर के अंतरंग हैं विश्वासपात्र उसके।

चिंताएं और ज़रूरत उसकी, वे करते हैं संग साझा उसके।

है कष्टकर, दुर्बल काया उनकी, सह लेते वे दर्द फिर भी,

त्यागते हैं परमेश्वर की संतुष्टि की ख़ातिर, जो प्रिय है उन्हें।


III

देता है परमेश्वर अधिक दायित्व इस तरह के लोगों को।

व्यक्त करता है इनके ज़रिये वो करेगा जो।

लिहाज़ा, करता है प्रेम परमेश्वर इस तरह के लोगों को।

सेवक हैं वही जो अनुरूप हैं उसके दिल के।

परमेश्वर के अंतरंग हैं विश्वासपात्र उसके।

चिंताएं और ज़रूरत उसकी, वे करते हैं संग साझा उसके।

है कष्टकर, दुर्बल काया उनकी, सह लेते वे दर्द फिर भी,

त्यागते हैं परमेश्वर की संतुष्टि की ख़ातिर, जो प्रिय है उन्हें।


"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 804 परमेश्वर को जान लेने का परिणाम

अगला: 758 आशीषित हैं वो जो करते हैं परमेश्वर से प्रेम

दुनिया आपदा से घिर गई है। यह हमें क्या चेतावनी देती है? आपदाओं के बीच हम परमेश्वर द्वारा कैसे सुरक्षित किये जा सकते हैं? इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारे साथ हमारी ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ें।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें