7 सर्वशक्तिमान परमेश्वर का पवित्र आध्यात्मिक देह प्रकट हो चुका है

I

प्रकट कर दिया है अपना महिमामय देह,

सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने सम्मुख सबके।

हो चुका है प्रकट उसका पवित्र देह;

स्वयं परमेश्वर है वो: पूर्ण सच्चा परमेश्वर है वो।

जगत बदला है पूरा तो बदला है देह भी।

परमेश्वर का व्यक्तित्व है रूपांतरण उसका, स्वर्ण मुकुट सिर पर उसके।

सफ़ेद लबादा तन पर, स्वर्ण बंध वक्ष पर उसके।

हर चीज़ जगत की है चरण-पीठ उसकी, आँखें अग्नि-लौ की मानिंद उसकी,

दुधारी तलवार मुख में, दाएं हाथ में सप्त-तारे।

राज्य-पथ असीम और प्रकाशमान,

उदित होकर जगमगाती महिमा परमेश्वर की।

पर्वत जयजयकार करें, जल ख़ुशियाँ मनाएँ;

सूरज, चाँद-सितारे घूमें अपनी व्यवस्था में,

करें अगवानी एक सच्चे परमेश्वर की,

पूरी की जिसने प्रबंधन योजना छ: हज़ार वर्षों की, लौटा है जीतकर!


II

नाचें-कूदें आनंद मनाएं, जयजयकार करें परमेश्वर की सब।

सच्चा सर्वशक्तिमान परमेश्वर!

आसीन होता अपने सिंहासन पर सर्वशक्तिमान परमेश्वर!

उसके पवित्र नाम का गुणगान करो!

सर्वशक्तिमान की विजय-पताका लहराती, भव्य रूप में सिय्योन पर्वत पर!

करता हर देश जयजयकार, गाता हर इक जन ऊँचे-साफ़ सुर में!

आनंदित है सिय्योन पर्वत, उभर रही है महिमा परमेश्वर की!

सोचा न था सपने में भी भेंट कभी होगी उससे,

पर आज हुई भेंट सचमुच परमेश्वर से।

रूबरू होता हूँ हर दिन, खोल देता हूँ दिल अपना आगे उसके।

स्रोत है मेरे खान-पान का परमेश्वर, हर चीज़ की आपूर्ति करता परमेश्वर।

जीवन, वचन, चिंतन, विचार और क्रियाएं,

चमके उसकी महिमा उन पर जब वो हर कदम पर राह दिखाए।

नाफ़रमानी करे कोई दिल अगर,

न्याय फ़ौरन आ जाए, न्याय फ़ौरन आ जाए।


III

खाऊँ-पिऊँ, रहूँ साथ परमेश्वर के;

आनंद मनाऊँ और साथ चलूँ परमेश्वर के।

पाऊँ महिमा और आशीष एक साथ, राज करूँ उसके राज्य में उसके साथ।

ओह, इतना आनंद! और इतनी मधुरता!

रूबरू उसके हर दिन, वो हमसे बतियाँ करता।

करते बातें उससे, प्रबुद्ध होते हर दिन, और देखते कुछ नया हर नये दिन।

खुले हमारे नयन आत्मिक, हुए उजागर रहस्य आध्यात्मिक!

मुक्त है जीना पवित्र जीवन। रोको न तुम अपने कदम।

बढ़ते जाओ आगे-आगे, आगे है एक अद्भुत जीवन।

मधुर ज़ायका पा लेना बस नाकाफ़ी है, परमेश्वर की ओर रहो गतिमान तुम।

सब चीज़ों का समावेश है, और प्रचुर हैं,

अगर कहीं कुछ कम है, तो वो है उसके हाथों में।

करो सक्रिय सहयोग, करो प्रवेश उसके अंतर में,

नहीं रहेगा फिर कुछ भी पहले जैसा।

ऊँचा होगा जीवन हमारा,

न कर पाएगा परेशान कोई इंसान, कोई बात, न चीज़ कोई।


"वचन देह में प्रकट होता है" से

पिछला: 5 मनुष्य का पुत्र महिमा के साथ प्रकट हुआ है

अगला: 6 सर्वशक्तिमान परमेश्वर धार्मिकता के सूर्य के समान प्रकट होता है

दुनिया आपदा से घिर गई है। यह हमें क्या चेतावनी देती है? आपदाओं के बीच हम परमेश्वर द्वारा कैसे सुरक्षित किये जा सकते हैं? इसके बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमारे साथ हमारी ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ें।
WhatsApp पर हमसे संपर्क करें
Messenger पर हमसे संपर्क करें

संबंधित सामग्री

775 तुम्हारी पीड़ा जितनी भी हो ज़्यादा, परमेश्वर को प्रेम करने का करो प्रयास

Iसमझना चाहिये तुम्हें कितना बहुमूल्य है आज कार्य परमेश्वर का।जानते नहीं ये बात ज़्यादातर लोग,सोचते हैं कि पीड़ा है बेकार:अपने विश्वास के लिए...

वचन देह में प्रकट होता है अंत के दिनों के मसीह के कथन (संकलन) अंत के दिनों के मसीह, सर्वशक्तिमान परमेश्वर के अत्यावश्यक वचन परमेश्वर के दैनिक वचन सर्वशक्तिमान परमेश्वर के वचनों का संकलन मेमने का अनुसरण करो और नए गीत गाओ जीवन में प्रवेश पर उपदेश और वार्तालाप अंत के दिनों के मसीह के लिए गवाहियाँ परमेश्वर की भेड़ें परमेश्वर की आवाज को सुनती हैं (नये विश्वासियों के लिए अनिवार्य चीजें) परमेश्वर की आवाज़ सुनो परमेश्वर के प्रकटन को देखो राज्य के सुसमाचार पर अत्यावश्यक प्रश्न और उत्तर (संकलन) मसीह के न्याय के आसन के समक्ष अनुभवों की गवाहियाँ विजेताओं की गवाहियाँ (खंड I) मैं वापस सर्वशक्तिमान परमेश्वर के पास कैसे गया राज्य का सुसमाचार फ़ैलाने के लिए दिशानिर्देश

सेटिंग्स

  • इबारत
  • कथ्य

ठोस रंग

कथ्य

फ़ॉन्ट

फ़ॉन्ट आकार

लाइन स्पेस

लाइन स्पेस

पृष्ठ की चौड़ाई

विषय-वस्तु

खोज

  • यह पाठ चुनें
  • यह किताब चुनें