सुसमाचार को फैलाना

"पूरे विश्व में मैं अपना कार्य कर रहा हूं, और पूर्व में गर्जना करते हुए धमाके निरंतर होते हैं और सभी सम्प्रदायों और पंथों को हिला देते हैं। मेरी वाणी ने सभी लोगों को वर्तमान में लाने में अगुवाई की है।... सभी मेरे सिंहासन के समक्ष आओ और मेरी महिमामयी मुखाकृति का अवलोकन करो, मेरी वाणी सुनो, और मेरे कर्मों को देखो। यही मेरी इच्छा की समग्रता है; यही मेरी योजना का अंत और चरम है, तथा मेरे प्रबंधन का प्रयोजन है। सभी देश मेरी आराधना करें, सभी जिह्वा मुझे स्वीकृति दें, हर व्यक्ति मुझमें निष्ठा रखे, और प्रत्येक व्यक्ति मेरी प्रजा बने!"(वचन देह में प्रकट होता है)