ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 13 : लगभग अस्सी वर्षीय ईसाई को पुलिस ने दी क्रूर यातना
20 अप्रैल, 2026
2023 सीसीपी के "तीन-वर्षीय पूर्ण युद्ध" का अंतिम साल था, जो सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के खिलाफ चलाया गया था। सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को पूरी तरह से नष्ट करने और प्रतिबंधित करने की अपनी कोशिशों में, चीन को एक नास्तिक क्षेत्र में बदलने और हमेशा सत्ता में बने रहने के अपने बुरे लक्ष्य को हासिल करने के लिए, सीसीपी ने ईसाइयों को और भी उन्मादी ढंग से सताया। देश भर में गिरफ्तारी अभियान लगातार तेज होते गए, जहाँ लगभग हर महीने और हर दिन गिरफ्तारियाँ हो रही थीं। उन्होंने किसी को नहीं बख्शा, यहाँ तक कि सत्तर और अस्सी वर्ष से अधिक की उम्र वाले बुजुर्ग ईसाइयों को भी नहीं। 25 से 26 अगस्त तक, सिर्फ दो दिनों में, हेनान प्रांत के नानयांग शहर की चार काउंटियों में कम से कम 170 ईसाइयों को गिरफ्तार किया गया। उनमें अस्सी वर्ष से अधिक उम्र की एक महिला और सत्तर वर्ष से अधिक की उम्र के दस लोग शामिल थे। हाल ही में, हमने इन्हीं ईसाइयों में से एक, शू लान का साक्षात्कार किया। अपनी गिरफ्तारी के समय वह 78 वर्ष की थी। शू लान को कलीसिया की जानकारी देने पर मजबूर करने के लिए, सीसीपी पुलिस ने उसे पूरे तीन दिनों तक यातनाएँ दीं। उन्होंने उसके सिर और चेहरे पर बेरहमी से मारा, उसे जबरदस्ती सरसों का पानी पिलाया और बिजली के डंडे से झटके दिए। उन्होंने बुजुर्ग शू लान को अश्लील वीडियो देखने के लिए भी मजबूर किया और गंदी भाषा का इस्तेमाल करते हुए उसका यौन उत्पीड़न किया। पुलिस की इस क्रूर हिंसा ने उसके शरीर और आत्मा दोनों पर कभी न मिटने वाले घाव छोड़ दिए। इस एपिसोड में, हम शू लान के उत्पीड़न के दर्दनाक अनुभव को करीब से जानेंगे।
00:21 मुख्य अंश
02:47 लगभग 80 वर्ष की शू लान को एक सभा के बाद गिरफ्तार किया गया और उसके चेहरे पर थप्पड़ मारे गए
04:59 शू लान से 5-6 घंटे तक पूछताछ की गई, उसे पीटा गया, बिजली के झटके दिए गए और जबरन सरसों का पानी पिलाया गया
16:37 पुलिस ने शू लान को लगातार यातनाएँ दीं, उसे अश्लील सामग्री देखने पर मजबूर किया और घिनौनी भाषा का इस्तेमाल करते हुए उसका यौन उत्पीड़न किया
25:57 शू लान के परिवार को दी गई धमकी—"परमेश्वर के विश्वासियों को पीट-पीटकर मार देने का कोई परिणाम नहीं होता, इसलिए पुलिस के पास मत आना"
27:39 पुलिस की क्रूरता से शू लान को कई स्थायी स्वास्थ्य समस्याएँ हो गईं
30:22 रिहाई के बाद भी पुलिस ने शू लान को अकेला नहीं छोड़ा और उसे उसके घर में परेशान किया
31:55 उसी दौरान अन्य बुजुर्ग ईसाइयों को भी जेल की सजा दी गई—एक का यौन उत्पीड़न किया गया, जबकि एक अन्य को यातना देकर मार डाला गया