ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 12 : अपनी गिरफ्तारी के 9 दिन बाद कलीसिया अगुआ की यातना के कारण मृत्यु
19 अप्रैल, 2026
2020 में, जब मुख्य भूमि चीन में कोविड-19 महामारी तेजी से फैल रही थी और लोग दहशत और बेचैनी के बीच संघर्ष कर रहे थे, तब भी सीसीपी को उनके जीने-मरने की कोई परवाह नहीं थी। इसके विपरीत, इसने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का दमन और उत्पीड़न तेज कर दिया और तीन साल का "पूर्ण युद्ध" अभियान (सितंबर 2020 से दिसंबर 2023) शुरू कर दिया। इसके बाद सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के कई ईसाइयों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें क्रूर यातनाएँ दी गईं। कुछ को तो उत्पीड़न देकर मार भी डाला गया। अधूरे आँकड़ों के अनुसार, 2021 में कम से कम नौ ईसाइयों को उत्पीड़न देकर मार डाला गया। सिचुआन प्रांत में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया का एक ईसाई, दु मिंगवेई (काल्पनिक नाम) भी उनमें से एक था। दु मिंगवेई हमेशा से स्वस्थ, हँसमुख और आशावादी था, फिर भी उसकी गिरफ्तारी के ठीक नौ दिन बाद पुलिस ने उसे यातना देकर मार डाला। हालाँकि पुलिस ने दावा किया कि "उसने फोन चार्जिंग केबल का इस्तेमाल कर फाँसी लगा ली।" क्या यह विश्वास के लायक है? किसी को इस पर विश्वास नहीं है। दु मिंगवेई ने अपने जीवन के अंतिम नौ दिनों में आखिर क्या अनुभव किया? हाल ही में हमारे रिपोर्टर ने उसके साथ गिरफ्तार हुए एक ईसाई और साथ ही दु मिंगवेई के परिवार का साक्षात्कार लिया। उनके वृत्तांतों के माध्यम से हम सीसीपी द्वारा छिपाए गए सच का पर्दाफाश करेंगे।
00:20 मुख्य अंश
02:40 भाई-बहनों के साथ सभा करते समय दु मिंगवेई को गिरफ्तार किया गया
07:12 होटल ले जाए जाने के कुछ दिनों बाद दु मिंगवेई की मौत, पुलिस ने उसके परिवार को सूचित किया
21:35 दु परिवार अंतिम संस्कार गृह गया, जहाँ दु मिंगवेई का शव देखकर वे दुख से टूट गए
24:28 अंतिम संस्कार से पहले, दु मिंगवेई के बहनोई झांग जी ने उसके गले पर निशान देखे और निष्कर्ष निकाला कि उसने आत्महत्या नहीं की थी
26:56 पुलिस ने उसकी अस्थियों को ले जाने और दफनाने की प्रक्रिया की शुरू से अंत तक कड़ी निगरानी की
29:13 दु मिंगवेई की मौत के बाद भी, पुलिस उसके परिवार को धमकाती, उनकी निगरानी करती और उनका उत्पीड़न करती रही