ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 16 : सीसीपी ईसाइयों को कैसे सताती है—दो ईसाइयों को यातनाएँ दी गईं और जेल की सजा सुनाई गई
21 मई, 2026
नास्तिक क्रांतिकारी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा शासित देश चीन में, परमेश्वर में विश्वास रखना कम्युनिस्ट पार्टी का विरोध करने के बराबर है। विश्वासियों को राजनीतिक अपराधी करार दिया जाता है, गिरफ्तार किया जाता है और दोषी ठहराया जाता है। खास तौर पर, अगर सर्वशक्तिमान परमेश्वर के विश्वासियों को गिरफ्तार किया जाता है, तो उन्हें "बिना किसी सजा के डर के पीट-पीटकर मार डाला जा सकता है।" नतीजतन, सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के कई ईसाइयों को गिरफ्तार किया गया है और अमानवीय क्रूरता का शिकार बनाया गया है : कुछ लोगों को गिरफ्तार किए जाने के बाद हर तरह की क्रूर यातनाएँ दी गईं और बुरी तरह पीटा गया; कुछ को पीट-पीटकर अपाहिज कर दिया गया, जिससे वे सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हो गए; कुछ को जेल की सजा सुनाई गई; कुछ को लंबे समय तक निगरानी में रखा गया और उनकी आजादी छीन ली गई; कई लोग सीसीपी की गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपते फिर रहे हैं और घर लौटने में असमर्थ हैं; और कुछ को मजबूरन विदेश भागना पड़ा है, जो लगातार विस्थापन और कठिनाई में जी रहे हैं। सीसीपी के लंबे समय तक चलने वाले, क्रूर उत्पीड़न के बावजूद, कई ईसाई डरे नहीं हैं। वे इस कठोर परिवेश में परमेश्वर में विश्वास करना जारी रखते हैं, अपना कर्तव्य करने और परमेश्वर का अनुसरण करने में डटे रहते हैं। इससे दुष्ट दानव सीसीपी बहुत आगबबूला हो गई है, जो लगातार गिरफ्तारी और उत्पीड़न के नए अभियान चलाती है, यहाँ तक कि उसने ऐलान किया है, "जब तक सफाया पूरा नहीं हो जाता, सेनाएँ वापस नहीं हटेंगी।" नतीजतन, सभाओं के दौरान ईसाइयों के गिरफ्तार होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 21 से 22 अगस्त 2023 तक ग्वांगदोंग प्रांत के ग्वांगझू में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के कई ईसाइयों को पुलिस ने उस समय गिरफ्तार कर लिया जब वे सभा कर रहे थे। पुलिस उन्हें गुप्त रूप से पूछताछ के लिए पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो ले गई। हाल के दिनों में हमें इस बात का ज्यादा पता नहीं था कि उन्होंने वहाँ क्या-क्या सहा। अब लगभग तीन साल बीत चुके हैं। कुछ समय पहले, हमने उस समय गिरफ्तार किए गए दो ईसाइयों, शाओ युन और चेंग झी का साक्षात्कार लिया। साक्षात्कार के दौरान, हमें पता चला कि पूछताछ के दौरान उन्हें कई तरह की यातनाओं और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा था, जिनमें भूखा रखने, सोने न देने और हिंसक मारपीट जैसे आम तरीके शामिल थे। उन्हें पीछे से हथकड़ी भी लगाई गई थी और लंबे समय तक हथकड़ी से 15 किलो का कंक्रीट का ब्लॉक लटकाकर रखा गया था। शाओ युन को मकड़ियाँ और हरी खोल वाले गुबरैला जैसे विभिन्न कीड़े खाने के लिए मजबूर किया गया था, साथ ही उसे तड़पाने के लिए मकड़ियों और कैटरपिलर जैसे कीड़े उसके कपड़ों में ठूँस दिए गए थे। यह खौफनाक था, लेकिन पुलिसवाले बस ठहाके लगाकर हँसते रहे और उसे यातना देने के नए तरीके सोचते रहे। शाओ युन और चेंग झी को पुलिस ने पूरे एक महीने तक यातनाएँ दीं, जिससे उन्हें भारी शारीरिक और मानसिक पीड़ा सहनी पड़ी, लेकिन फिर भी उन्होंने "तीन कथन" पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उसके बाद, उन्हें जेल की सजा सुनाई गई।
00:21 मुख्य अंश
04:35 शाओ युन को भूखा रखा गया और उसकी पीठ पीछे हथकड़ी लगाई गई
09:18 पुलिस ने शाओ युन को लालच देने और दबाव डालने की कोशिश की और एक "ब्रेनवॉशिंग विशेषज्ञ" ने उस पर तरकीबें आजमाईं
14:14 पुलिस ने शाओ युन को ठंड से तड़पाकर और कोड़े मारकर यातना दी
22:02 पुलिस ने शाओ युन पर कीड़े फेंके और उन्हें निगलने के लिए उसे मजबूर करने की कोशिश की
25:29 शाओ युन को हथकड़ी लगाई गई, उसकी कलाइयों से कंक्रीट का ब्लॉक लटकाया गया, ठंड से तड़पाया गया और अंततः जेल की सजा सुनाई गई
31:57 चेंग झी ने एक महीने तक अमानवीय यातना झेली
37:22 ईसाइयों को सताने वाले सीसीपी के दुष्ट पुलिस अधिकारियों की सूची (भाग 1)