ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 14 : सीसीपी की अमानवीय यातना से अपाहिज हुआ ईसाई

24 अप्रैल, 2026

2018 में, सीसीपी ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को निशाना बनाते हुए दमन के कई विशेष अभियान शुरू किए, जैसे "100-दिवसीय युद्ध" और "ऑपरेशन थंडर।" देश भर में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के ईसाइयों को लगातार गिरफ्तारियों, घरों में छापेमारी, यातना और ब्रेनवॉशिंग का शिकार होना पड़ा। अधूरे आँकड़ों के अनुसार, अकेले 2018 में, कम से कम 11,111 लोगों को गिरफ्तार किया गया; कम से कम 685 लोगों को कई तरह की यातनाएँ दी गईं या जबरन ब्रेनवॉश किया गया; 392 लोगों को जेल की सजा सुनाई गई; और कम से कम 20 ईसाइयों को सता-सताकर मार डाला गया। झेजियांग प्रांत के निंगबो का रहने वाला लियू झी (काल्पनिक नाम), उन कई ईसाइयों में से एक है जिन्हें इस तरह के गंभीर उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। 18 सितंबर, 2018 को, लियू झी को पुलिस ने अचानक गिरफ्तार कर लिया। अपनी पूछताछ के दौरान, लियू झी ने "तीन कथन" पर हस्ताक्षर करने से दृढ़ता से इनकार कर दिया और उसे सीसीपी पुलिस द्वारा लगातार यातना और हिंसक ब्रेनवॉशिंग का शिकार होना पड़ा; उसे 6 साल के लिए जेल की सजा सुनाई गई। पुलिस ने क्रूरता की हद पार करते हुए अन्य कैदियों को उसके जननांगों में गहराई तक बांस की सींक घुसाने और लियू झी के प्रत्येक पैर को बारी-बारी से उसके सिर तक बार-बार उठाने के लिए उकसाया और जबरन उसकी पेशियाँ खींचकर उसे यातनाएँ दीं। इसके कारण अंततः वह लगभग पूरी तरह से अपाहिज हो गया और सामान्य रूप से चलने में असमर्थ हो गया। इस एपिसोड में, हम यातना से अपाहिज हुए लियू झी के वास्तविक अनुभवों पर रिपोर्ट कर रहे हैं।

00:21 मुख्य अंश

04:15 लियू झी की अचानक गिरफ्तारी और डिटेंशन सेंटर में 22 दिनों तक हिंसक ब्रेनवॉशिंग

06:57 लियू झी को होटल ले जाया गया, जहाँ अधिकारियों ने बारी-बारी से यातना देकर पूछताछ की

11:30 लियू झी से उसकी आस्था छुड़वाने के लिए पुलिस ने उसे "भुना हुआ पूरा मेमना" जैसी यातनाओं और यौन शोषण का शिकार बनाया

17:57 लियू झी को छह साल की कड़ी सजा दी गई; गार्डों ने सजा कम करने का लालच देकर कैदियों को यातना देने के तरीके ढूँढ़ने के लिए उकसाया

25:35 लियू झी की पेशियों को बार-बार जबरन खींचा गया और उसे अपमानजनक यातनाएँ दी गईं, जिससे वह बेहोश हो गया

35:06 लियू झी को आखिरकार रिहा कर दिया गया, लेकिन सीसीपी की लंबी क्रूरता ने उसे दाईं आँख और दोनों पैरों से अपाहिज बना दिया

परमेश्वर के बिना जीवन कठिन है। यदि आप सहमत हैं, तो क्या आप परमेश्वर पर भरोसा करने और उसकी सहायता प्राप्त करने के लिए उनके समक्ष आना चाहते हैं?

संबंधित सामग्री

ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 8 : 18-वर्षीय ईसाई को चार पुलिस अधिकारियों ने घंटों तक पीटा और बिजली के झटके दिए

2023 के अंत में, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का "तीन-वर्षीय पूर्ण युद्ध" समाप्त हो गया, जिसे सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को पूरी तरह से...

ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 7 : जेल से रिहा हुई एक ईसाई के साथ खास बातचीत : जबरन मत-परिवर्तन की कोशिशों के बीच अपनी आस्था पर अडिग रहना

सितंबर 2020 में, सीसीपी ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को जड़ से खत्म करने के लिए तीन साल का "पूर्ण युद्ध" शुरू किया। शानदोंग प्रांत...

ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 6 : बुजुर्ग ईसाइयों के खून और आँसू—अपनी आस्था पर कायम रहने के कारण 79 वर्षीया बुजुर्ग को सता-सताकर मार डाला गया

2024 सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया के खिलाफ सीसीपी के "तीन-वर्षीय कड़े संघर्ष" का पहला साल था। साल की शुरुआत से ही, देश भर में ईसाइयों...

ईसाइयों पर सीसीपी के क्रूर उत्पीड़न के तथ्य, एपिसोड 11 : अपनी आस्था पर अडिग रहने के कारण एक ईसाई को पाँच साल की जेल

सितंबर 2020 में सर्वशक्तिमान परमेश्वर की कलीसिया को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए सीसीपी अधिकारियों ने तीन साल का "पूर्ण युद्ध" शुरू...

WhatsApp पर हमसे संपर्क करें